जरुरी जानकारी | सीतारमण का ऑस्ट्रिया की कंपनियों से भारत के उभरते क्षेत्रों में निवेश का आग्रह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को ऑस्ट्रियाई कंपनियों से भारत में निवेश करने का आग्रह किया क्योंकि यह नए और उभरते क्षेत्रों में कई अवसर प्रदान करता है।
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को ऑस्ट्रियाई कंपनियों से भारत में निवेश करने का आग्रह किया क्योंकि यह नए और उभरते क्षेत्रों में कई अवसर प्रदान करता है।
ऑस्ट्रिया की यात्रा पर गयीं सीतारमण ने राजधानी वियना में भारत-ऑस्ट्रिया व्यापार गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रियाई कंपनियों को भारत द्वारा प्रदान किए जाने वाले कई अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत ने आर्थिक वृद्धि और समानता में तेजी लाने के साथ कारोबारी सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए किए गए सुधारों की वजह से जबर्दस्त प्रगति की है।
वित्त मंत्री ने कहा, "मैंने हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और नवाचार में उभरते जैसे अवसरों का जिक्र किया। भारत एशिया और वैश्विक दक्षिण के लिए एक उत्कृष्ट प्रवेश द्वार है।"
सीतारमण ने ऑस्ट्रिया के व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच मजबूत आर्थिक और वाणिज्यिक साझेदारी की संभावनाएं बहुत उज्ज्वल हैं।
उन्होंने कहा कि कई ऑस्ट्रियाई कंपनियों ने भारत में उत्कृष्ट डिजिटल और आईटी प्रतिभा का लाभ उठाने के लिए भारत में क्षमता केंद्र स्थापित किए हैं।
वित्त मंत्री ने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी में, खासकर आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने में एक मील का पत्थर था।
उन्होंने ऑस्ट्रियाई अर्थव्यवस्था मंत्री और वित्त मंत्री के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान वित्तीय, आर्थिक, व्यापार और निवेश क्षेत्रों में भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देश पारस्परिक लाभ के लिए अपनी पूरक क्षमताओं का लाभ उठाने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रिया की क्षमताओं और जुड़ाव की संभावनाओं के आधार पर हमने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को भी चिह्नित किया है। इनमें हरित और डिजिटल प्रौद्योगिकियां, बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, जीवन विज्ञान, साथ ही इलेक्ट्रिक परिवहन और परिवहन शामिल हैं।"
सीतारमण ने स्टार्टअप और नवाचार के बारे में बात करते हुए कहा कि ये दोनों सरकारों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भारत में 110 से अधिक यूनिकॉर्न और 1,000 से अधिक सफल स्टार्टअप हैं।
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