इंचियोन, चार मई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया से भारत में निवेश अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। इस मौके पर उन्होंने विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और समुद्री संसाधन के क्षेत्र में निवेश अवसरों के बारे में जानकारी दी।
सीतारमण ने दक्षिण कोरिया के उप-प्रधानमंत्री और अर्थव्यवस्था तथा वित्त मामलों के मंत्री चू क्यूंग-हो से यहां एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की 56वीं वार्षिक बैठक के दौरान अलग से मुलाकात के दौरान उन्हें निवेश अवसरों के बारे में बताया।
उन्होंने भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश को आगे बढ़ाने के लिये कोरिया निवेश निगम (केआईसी) और अन्य निवेशकों को भी आमंत्रित किया।
बैठक के दौरान सीतारमण ने कोरियाई सरकार के जुड़ाव के साथ भारत में निवेश को और आकर्षित करने के मकसद से ई-वाहन और हरित हाइड्रोजन क्षेत्रों में भारत की अनुकूल नीतियों का भी जिक्र किया।
वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत में विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, औषधि, खाद्य प्रसंस्करण, समुद्री संसाधनों सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अधिक अवसरों का उल्लेख किया।’’
सीतारमण ने चू क्यूंग-हो को भारत में समुद्री खाद्य क्षेत्र में मूल्यवर्धन के लिये निवेश के अवसरों के बारे में बताया और ईडीसीएफ व्यवस्था (आर्थिक विकास सहयोग कोष) के अंतर्गत हुए समझौते के तहत चिन्हित परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी और उनके शीघ्र क्रियान्वयन की उम्मीद जतायी।
उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और निवेश सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के लिये प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, ‘‘चू क्यूंग-हो ने कहा कि दोनों देशों को सहयोग को और मजबूत तथा उसे आगे बढ़ाने को लेकर कदम उठाना जारी रखना चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि कोरिया को भारत में निवेश के अवसरों में भाग लेने का मौका मिलेगा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY