खेल की खबरें | सिराज ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ की बातें छोडकर सभी पांच टेस्ट खेलना चाहते हैं
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... भरत शर्मा ...
मैनचेस्टर, 21 जुलाई इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट श्रृंखला में सबसे ज्यादा गेंदबाजी करने वाले मोहम्मद सिराज को ‘वर्कलोड मैनेजमेंट (चोट और थकान से बचने के लिए अधिक गेंदबाजी से सामंजस्य बिठाना)’ की ज्यादा चिंता नहीं है और वह इस दौरे के पांचों टेस्ट मैच को खेलना चाहते हैं।
सिराज भारत के इकलौते तेज गेंदबाज हैं जिन्होंने इस श्रृंखला के तीनों मैच खेले हैं। इस 31 साल के गेंदबाज ने अब तक 109 ओवर डाले हैं। श्रृंखला के दूसरे टेस्ट से विश्राम करने वाले जसप्रीत बुमराह ने 86.4 ओवर फेंके हैं जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने दो मैचों में 62 ओवर और आकाशदीप ने दो मैचों में 72.1 ओवर की गेंदबाजी की है।
श्रृंखला में अब तक 13 विकेट चटकाने वाले सिराज ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ अल्लाह का शुक्र है कि मैं फिट और स्वस्थ हूं। हां, विज्ञान के अनुसार ‘वर्कलोड’ पर विचार करना होगा और सिराज ने कितने ओवर फेंके, इसका उल्लेख वहां किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मानसिकता मौके को पूरी तरह से भुनाने और भारत के लिए मैच जीतने की है।’’
सिराज ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच के पांचवें दिन इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के दो बहुत लंबे गेंदबाजी स्पैल के लिए तारीफ की। भारत इस मैच में जीत के लिए 193 रन का पीछा करते हुए 22 रन दूर रह गया था।
स्टोक्स ने लंच से पहले 9.2 ओवर और लंच के बाद 10 ओवर का स्पैल डाला था।
सिराज ने कहा, ‘‘ प्रतिद्वंद्वी टीम से सीखने में कुछ भी गलत नहीं है। जब दूसरी तरफ से कोई अच्छा करता है, तो उसे स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं है। स्टोक्स ने दो बार 10 ओवर का स्पैल किया, जो बिल्कुल भी आसान नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ एक तेज गेंदबाज के तौर पर उन्हें सलाम है। उस मैच में कांटे की टक्कर थी, कोई भी जीत सकता था। जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की वह प्रभावशाली थी। गेंदबाज़ के तौर पर हमारा लक्ष्य हमेशा अच्छा प्रदर्शन करना और अपनी टीम के लिए जल्दी विकेट लेना होता है।’’
सिराज को इस श्रृंखला में हालांकि किस्मत का साथ नहीं मिला नहीं तो उनके खाते में विकेटों की संख्या अधिक होती।
इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘ मैं बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं, लेकिन कभी-कभी किस्मत आपका साथ नहीं देती। हर गेंदबाज चाहता है कि हर बार जब वे गेंदबाजी करें तो उन्हें विकेट मिले। मैं खुद से कहता हू कि अगर मुझे आज विकेट नहीं मिले, तो मुझे अगले मैच में मिल जाएंगे।’’
लॉर्ड्स टेस्ट में शोएब बशीर की गेंद पर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट होना सिराज के लिए काफी भावनात्मक रहा था और उन्हें इससे निपटने में कुछ समय लगा।
सिराज ने कहा, ‘‘ इसे भूलने में बहुत समय लगा। ऐसा लग रहा था कि वह मैच हम जीत सकते थे। हम 2021 में भी एक विकेट से जीते थे। मैं बहुत भावुक हूं। हमने कड़ी लड़ाई लड़ी और जडेजा ने शानदार प्रदर्शन किया। बुमराह भाई ने भी 54 गेंदें खेलीं। लेकिन हम हार गये।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने खुद से कहा कि अभी श्रृंखला खत्म नहीं हुई है। इसने मुझे बेहतर करने की प्रेरणा दी। इसने हमें खासकर विदेशों में अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सीख दी। इस तरह के हालात में निचले क्रम के रन महत्वपूर्ण होते हैं।’’
लॉर्ड्स टेस्ट में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच काफी बहस हुई और सिराज को उम्मीद है कि यह बाकी बचे दो मैचों में भी यह गहमागहमी जारी रहेगी।
सिराज ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को कभी-कभी छींटाकशी करनी चाहिए। यह एक बल्लेबाज की एकाग्रता को भंग कर सकता है। यह पहले से तय नहीं होता लेकिन एक तेज गेंदबाज के रूप में यह मजेदार होता है।’’
ड्यूक्स गेंद ने श्रृंखला में काफी आलोचना का सामना करना पडा। खिलाड़ी इसके जल्दी नरम होने और आकार बिगड़ने की आलोचना कर रहे हैं।
भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘हां 2021 के दौरे पर अलग तरह की गेंद थी। इस बार गेंद का आकार जल्दी खराब हो जा रहा, सिर्फ 10 ओवर में ही। जब ऐसा होता है तो गेंदबाज के तौर पर चीजें मुश्किल हो जाती हैं लेकिन हमें इससे तालमेल बिठाकर अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2025 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

