‘सिल्वर सिंधू’ ताने के कारण विश्व चैम्पियनशिप का फाइनल जीतने को बेकरार थी: सिंधू
सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में भी रजत पदक जीता था। उन्होंने कहा कि जब लोग कहते थे कि मुझे ‘फाइनल फोबिया’ है तो बुरा लगता था।
नयी दिल्ली, 25 अप्रैल बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने कहा कि कई टूर्नामेंटों में उपविजेता रहने के बाद लोग उन्हें ‘सिल्वर सिंधू’ कहने लगे थे जिसकी वजह से वह पिछले साल विश्व चैम्पियशिप के खिताब को जीतने के लिए बेकररार थीं।
सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में भी रजत पदक जीता था। उन्होंने कहा कि जब लोग कहते थे कि मुझे ‘फाइनल फोबिया’ है तो बुरा लगता था।
सिंधू ने कहा, ‘‘ विश्व चैंपियनशिप (पिछले वर्ष) में यह मेरा तीसरा फाइनल था। मैंने दो कांस्य भी जीते हैं। मुझे लगा कि मुझे किसी भी कीमत पर खिताब जीतना है। मैं खिताब जीतने के लिए बेताब थी। मैं नहीं चाहती थी कि लोग कहें कि वह फिर से फाइनल में हार गई।’’
सिंधू ने भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिगेज के साथ ‘डबल ट्रबल’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘ मैंने सोचा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं 100 फीसदी दूंगी। मुझे यह खिताब जीतना होगा। कई बार लोग मुझे 'सिल्वर सिंधु' कहते थे। कभी-कभी ये बातें मेरे दिमाग में आती हैं।’’
सिंधू ने फाइनल में जापान की नोजुमी ओकुहारा को एकतरफा मुकाबले में 21-7, 21-7 से हराया था।
फाइनल शुरू होने की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ अगर हम यह कहें कि चीजें ठीक है और हम एकाग्र हैं तो हम पर दबाव होता है। मैंने सोचा कि पूरा ध्यान अपने खेल पर दूंगी। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और फाइनल जीती।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2020 08:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

