देश की खबरें | श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल की पहचान बनाए रखने में मदद की, ज्योति बसु ने उनका समर्थन किया: समिक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने यह सुनिश्चित किया कि देश के विभाजन के दौरान राज्य (पश्चिम बंगाल) अपनी पहचान बनाए रखे और इस मिशन में कम्युनिस्ट नेता ज्योति बसु ने उनकी मदद की थी।
कोलकाता, छह जुलाई भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने यह सुनिश्चित किया कि देश के विभाजन के दौरान राज्य (पश्चिम बंगाल) अपनी पहचान बनाए रखे और इस मिशन में कम्युनिस्ट नेता ज्योति बसु ने उनकी मदद की थी।
भट्टाचार्य ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में मुखर्जी और बसु जैसे नेता रहे हैं, लेकिन अभी ऐसी सरकार है जो कट्टरपंथी तत्वों को ‘‘संरक्षण’’ दे रही है और ये तत्व विभाजन-पूर्व हिंसा के दिनों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुखर्जी और बसु ने सुनिश्चित किया था कि बंगाली हिंदू पर कोई अत्याचार न हो।
भट्टाचार्य ने दो दिन पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पदभार संभाला है।
उन्होंने एक साथ मुखर्जी और बसु का नाम लिया, क्योंकि भाजपा 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस विरोधी वामपंथी मतदाताओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।
मुखर्जी की जयंती पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इस्लामी कट्टरपंथ दुनिया भर में एक खतरा बन गया है और हम सभी को इस खतरे से लड़ना होगा। बंगाल में कट्टरपंथी तत्वों को हराया जाना चाहिए और मैं हर सही सोच वाली पार्टी और व्यक्ति से इस लड़ाई में साथ आने का आग्रह करता हूं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के कारण, तृणमूल कांग्रेस बंगाल में कट्टरपंथी इस्लामवादियों के प्रसार को रोकने में विफल रही है। गरीब, साधारण और राष्ट्रवादी मुसलमानों को पार्टी ने वोट के लिए इस्तेमाल किया, जबकि उनकी आर्थिक स्थिति पहले जैसी ही है।’’
भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ‘‘कट्टरपंथी तत्वों’’ से लड़ती रहेगी और पिछड़े मुसलमानों सहित हर समुदाय के उत्थान के लिए काम करेगी।
मुखर्जी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही पश्चिम बंगाल ने विभाजन के बाद अपनी पहचान बरकरार रखी।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मिशन में उन्हें (मुखर्जी को) ज्योति बसु जैसे कम्युनिस्ट नेता से मदद मिली थी। ऐसे नेताओं के बाद अब हम ऐसी सरकार के अधीन हैं, जिसने बंगाल को 1946 जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। हमें इसे रोकना होगा। हमें श्यामा प्रसाद के सपनों को पूरा करना होगा।’’
मध्य कोलकाता में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय और भवानीपुर स्थित मुखर्जी के आवास पर सैकड़ों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी जनसंघ के संस्थापक को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जयंती पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि और सम्मान।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2025 09:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

