देश की खबरें | शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से नामांकन किया दाखिल, कहा- ‘जीत का 100 फीसद भरोसा’

अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें अपनी जीत का ‘‘100 फीसद भरोसा है।’’

अधिकारी ने करीब एक किलोमीटर के रोडशो के बाद हल्दिया में उप-संभागीय कार्यालय में नामांकन दाखिल किया।

अधिकारी के नामांकन दाखिल करने से पहले हुई रैली में केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और स्मृति ईरानी ने भी शिरकत की।

अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नंदीग्राम में अपनी जीत का 100 फीसद भरोसा है। क्षेत्र के लोग मुझे जानते हैं। मैं धरतीपुत्र हूं।’’

अधिकारी दिसम्बर में ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उनका मुकाबला मुख्यमंत्री बनर्जी से है जिन्होंने उन्हें उनके गृह मैदान में उन्हें चुनौती देने का फैसला किया। बनर्जी बुधवार को नंदीग्राम से अपना नामांकन दाखिल कर चुकी हैं।

अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 2016 में नंदीग्राम से चुनाव जीता था। उन्हें 67 प्रतिशत वोट मिले थे और उन्होंने भाकपा के उम्मीदवार को 81,230 मातों के अंतर से मात दी थी।

वाम नेतृत्व वाले महागठबंधन ने माकपा की युवा नेता मीनाक्षी मुखर्जी को यहां से मैदान में उतारा है।

इससे पहले अधिकारी ने लोगों से ‘‘बाहरी’’ को वोट नहीं करने की अपील की और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी पर लोगों से विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

अधिकारी ने बनर्जी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपना वोट किसी बाहरी को देकर इसे बर्बाद नहीं करें, जिसने 2011 में सत्ता में आने के बाद आपके विश्वास और आपकी आकांक्षाओं का हनन किया किया है।’’

अधिकारी ने खुद को ‘‘भूमिपुत्र’’ बताया और बनर्जी को नंदीग्राम में बाहरी बताया क्योंकि वह यहां अपना वोट नहीं डालती हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में 2011 से भवानीपुर का प्रतिनिधित्व करने वाली बनर्जी ने भवानीपुर की बजाय नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम सत्ता में आते हैं तो हम सुनिश्चित करेंगे कि चिटफंड घोटाले में ठगी के सभी निवेशकों को उनके पैसे वापस मिलें। ईडी और सीबीआई द्वारा जब्त की गई संपत्तियों को नीलाम किया जाएगा ताकि निवेशकों को उनका पैसा लौटाया जा सके।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चिटफंड घोटाला टीएमसी सरकार की वजह से हुआ, उनके नेताओं ने जनता का पैसा लूटा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन गयी है, जो बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी द्वारा चलायी जाती है, ‘‘जिसमें अन्य नेताओं की न तो कभी पार्टी के नीति निर्माण में और न ही राज्य सरकार में पूछ होती है।’’

अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘‘बुआ और भतीजे (ममता और तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी) के अलावा पार्टी में हर कोई मूरत की तरह है।’’

अधिकारी, हाल ही में पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी से नंदीग्राम में मतदाता बने थे।

बनर्जी के अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ने के फैसले के बाद नंदीग्राम सीट हाई प्रोफाइल बन गयी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)