देश की खबरें | सिविल सेवा परीक्षा में श्रुति शर्मा ने शीर्ष स्थान हासिल किया, पहले तीन स्थानों पर महिलाओं का कब्जा
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नयी दिल्ली, 30 मई सिविल सेवा परीक्षा-2021 में इतिहास की छात्रा श्रुति शर्मा ने शीर्ष स्थान हासिल किया है और प्रथम तीन रैंक पर महिलाओं ने कब्जा जमाया। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सोमवार को परीक्षा परिणामों की घोषणा की।
शर्मा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि हासिल की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया है।
यूपीएससी ने बताया कि अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
आयोग ने बताया कि परीक्षा में 508 पुरुष और 177 महिलाओं समेत कुल 685 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए तथा विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिये उनके नामों की अनुशंसा की गई है।
आयोग ने कहा, ''सफल अभ्यर्थियों में पहले तीन स्थानों पर महिलाएं रहीं।'' आयोग के अनुसार, शीर्ष 25 में 15 पुरुष और 10 महिलाएं हैं।
शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाली तीनों महिलाओं ने कहा कि वे महिला सशक्तिकरण और शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करना चाहेंगी।
उन्होंने बताया कि स्व-अध्ययन ने परीक्षा की तैयारी और आखिरकार इसे उत्तीर्ण करने में उनकी काफी मदद की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी और कहा कि वह जानते हैं कि जो इसमें सफल नहीं हो सकें, वे भी मेधावी युवा हैं और वे किसी न किसी क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ''सिविल सेवा परीक्षा-2021 में सफलता पाने वाले सभी उम्मीदवारों को बधाई। इन युवाओं को मेरी शुभकामनाएं, जो भारत की विकास यात्रा के ऐसे महत्वपूर्ण समय में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत करने जा रहे हैं, जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''मैं सिविल सेवा परीक्षा में सफल नहीं हो सके उम्मीदवारों की निराशा को पूरी तरह से समझता हूं लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि जो इसमें सफल नहीं हो सके, वे भी मेधावी युवा हैं, जो किसी न किसी क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ेंगे और भारत को गौरवान्वित करेंगे। इन्हें मेरी शुभकामनाएं।''
दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास (ऑनर्स) के साथ स्नातक कर चुकीं शर्मा का परीक्षा में वैकल्पिक विषय इतिहास था।
शर्मा ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि ''अत्यंत सहायक'' माता-पिता और दोस्तों ने उनकी इस यात्रा में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने खुद के नोट्स बनाया करती थी। धैर्य और निरंतरता के अलावा स्व-अध्ययन ने मेरी काफी मदद की।’’
शर्मा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा को अपना पहला विकल्प चुना था। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा और महिला सशक्तिकरण मेरे दो अहम क्षेत्र रहेंगे।’’
दिल्ली विश्वविद्यालय से ही अर्थशास्त्र में स्नातक कर चुकीं अग्रवाल दूसरे स्थान पर रहीं। परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध था।
उन्होंने फोन पर पीटीआई- से कहा, ‘‘मैंने आईएएस का विकल्प चुना था और मैं महिला सशक्तिकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल तथा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहूंगी।’’
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