देश की खबरें | श्रृंगला ने देश में जैश के आतंकी हमला करने की योजना के बारे में प्रमुख देशों के दूतों को बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जम्मू के नगरोटा में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) की आतंकवादी हमले की योजना के बारे में अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान समेत कुछ विदेशी राजनयिकों के समूह को सोमवार को अवगत कराया। समय रहते सुरक्षा बलों ने 19 नवंबर को आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया था।
नयी दिल्ली, 23 नवंबर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जम्मू के नगरोटा में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) की आतंकवादी हमले की योजना के बारे में अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान समेत कुछ विदेशी राजनयिकों के समूह को सोमवार को अवगत कराया। समय रहते सुरक्षा बलों ने 19 नवंबर को आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया था।
सूत्रों ने बताया कि मिशनों के प्रमुखों को घटना के बारे में विस्तृत सूचना मुहैया करायी गयी और आतंकवादियों के पास से बरामद गोला-बारूद के बारे में बताया गया।
सूत्रों ने कहा कि विदेशी राजनयिकों को जम्मू कश्मीर में हालात ‘बिगाड़ने’ और केंद्र शासित क्षेत्र में आगामी स्थानीय चुनावों में अड़चन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के निरंतर प्रयासों के संबंध में भारत की चिंताओं से अवगत कराया गया।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘व्यापक परिदृश्य में यह स्पष्ट है कि आतंकवादी फरवरी 2019 में पुलवामा के बाद बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में थे।’’ जेईएम की संलिप्तता वाली पूर्व की कुछ घटनाओं के बारे में भी बताया गया।
एक ट्रक में छिपकर जा रहे जेईएम के चार संदिग्ध आतंकियों को सुरक्षा बलों ने बृहस्पतिवार सुबह नगरोटा में मुठभेड़ में मार गिराया था। सरकार ने कहा था कि सुरक्षा बलों ने इन आतंकियों को ढेर कर आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि विदेशी राजनयिकों को इस बारे में भी बताया गया कि आतंकी जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में उजागर हुई सुरंग के जरिए घुसे।
उन्होंने बताया कि पुलिस और खुफिया अधिकारियों की शुरुआती जांच में निकले निष्कर्ष से भी उन्हें वाकिफ कराया गया कि नगरोटा में हमले की साजिश रचने वाले आतंकवादी पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े थे जबकि संयुक्त राष्ट्र ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है ।
सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर विदेश मंत्रालय छोटे-छोटे समूहों में राजनयिकों को इस बारे में अवगत कराएगा।
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