देश की खबरें | गोवा चुनाव में खराब प्रदर्शन पर जीएफपी को दोषी ठहराने वाले कांग्रेस नेता को कारण बताओ नोटिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने गोवा विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए गठबंधन सहयोगी गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) को जिम्मेदार ठहराने वाले बयान के चलते शनिवार को पार्टी के नेता विजय भिके को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
पणजी, 19 मार्च कांग्रेस ने गोवा विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए गठबंधन सहयोगी गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) को जिम्मेदार ठहराने वाले बयान के चलते शनिवार को पार्टी के नेता विजय भिके को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
नोटिस में कहा गया है कि भिके की टिप्पणी ‘‘दुर्भावनापूर्ण’’ थी और उनकी मंशा गठबंधन को खतरे में डालने की थी, इस वजह से उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोवा चुनाव में कुल 40 सीटों में से 20 पर जीत हासिल की और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों और तीन निर्दलीय के समर्थन से सरकार बनाने वाली है। चुनाव में कांग्रेस ने 11 सीटें जीतीं और 2017 की तुलना में उसे छह सीटों का नुकसान हुआ। जीएफपी इस बार केवल एक सीट जीत पाई और पिछले चुनाव की तुलना में उसे दो सीटों का नुकसान हुआ।
कांग्रेस के उत्तरी गोवा जिला अध्यक्ष विजय भिके ने कहा कि चुनावों के लिए जीएफपी के साथ गठजोड़ करना कांग्रेस का गलत फैसला था। भिके ने उत्तरी गोवा के सालिगाओ निर्वाचन क्षेत्र में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने जीएफपी के साथ गठजोड़ करके गलत फैसला किया क्योंकि गठबंधन से कांग्रेस को किसी भी तरह का फायदा नहीं हुआ, लेकिन दूसरी पार्टी ने इसका फायदा उठाया।’’
उन्होंने कहा कि जीएफपी प्रमुख विजय सरदेसाई पार्टी उम्मीदवारों के लिए मयेम और मंद्रेम सीटें जीतने में विफल रहे। भिके ने कहा कि 2022 के चुनावों में जीएफपी की वोट हिस्सेदारी, 2017 के 3.5 प्रतिशत से गिरकर 1.8 प्रतिशत हो गई।
जीएफपी के संतोष कुमार सावंत (मयेम से उम्मीदवार) और दीपक कलंगुटकर (मंद्रेम से उम्मीदवार) ने शनिवार को भिके पर निशाना साधा।
कलंगुटकर ने कहा, ‘‘सब लोगों को यह भी याद रखना चाहिए कि जीएफपी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने 2020 में भाजपा के खिलाफ टीम गोवा (गठबंधन) बनाने का आह्वान किया था। हालांकि, कांग्रेस ने इस पर तब तक कदम नहीं उठाया जब तक सरदेसाई नयी दिल्ली में राहुल गांधी से नहीं मिले और 2022 के चुनाव के लिए गठबंधन नहीं किया।’’
उन्होंने कहा कि सरदेसाई के राहुल गांधी से मिलने के बाद भी, कांग्रेस के स्थानीय नेता कहते रहे कि ‘‘गठबंधन की घोषणा होनी बाकी है’’, जिससे गठजोड़ पर संदेह पैदा हो गया। कलंगुटकर ने कहा, ‘‘हम भिके के बयान की निंदा करते हैं। मुझे संदेह है कि क्या भिके अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेने के बाद ऐसा बयान दे रहे हैं या किसी और द्वारा निर्देशित किया जा रहा है।’’
सावंत ने कहा कि मतों के विभाजन से भाजपा को मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘‘'गठबंधन डेढ़ साल पहले हो जाता तो नतीजे कुछ और होते।’’
बाद में, कांग्रेस की गोवा इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम के शेख ने पार्टी के गोवा डेस्क प्रभारी दिनेश गुंडू राव के निर्देशों का पालन करते हुए भिके को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें उन्हें तीन दिनों के भीतर अपना जवाब देने या अनुशासनात्मक कार्रवाई सामना करने के लिए कहा गया।
नोटिस में कहा गया है कि भिके ने गठबंधन सहयोगी गोवा फॉरवर्ड पार्टी और उसके नेता विजय सरदेसाई के खिलाफ ‘‘पार्टी को विश्वास में लिए बिना और पार्टी की अनुमति के बिना और कांग्रेस के रुख के विपरीत ‘‘अपमानजनक टिप्पणी’’ की।
शेख ने नोटिस में कहा, ‘‘इस तरह के बयान न केवल कांग्रेस की स्थिति को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि गठबंधन की वास्तविकता के बारे में भी संदेह पैदा करते हैं जो आज भी अस्तित्व में है।’’
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