प्रोत्साहन पैकेज से जीडीपी में अल्पकाल में गिरावट को थामना मुश्किल: विश्लेषक
बैंक आफ अमेरिका (बोफा) और नोमुरा के विश्लेषकों ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित होने के बावजूद जीडीपी वृद्धि के अपने अनुमानों को पहले के स्तर पर ही बरकरार रखा है। बैंक आफ अमेरिका ने जहां 2020- 21 में 0.1 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान लगाया है वहीं नोमुरा ने पांच प्रतिशत गिरावट का अनुमान व्यक्त किया है।
मुंबई, 18 मई विदेशी वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार सरकार की तरफ से पिछले कुछ दिनों में घोषित प्रोत्साहन पैकेज और सुधारों से निकट भविष्य में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को अल्पकाल में गति मिलना मुश्किल है और इसका फायदा तीन साल की मध्यावधि में दिखेगा।
बैंक आफ अमेरिका (बोफा) और नोमुरा के विश्लेषकों ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित होने के बावजूद जीडीपी वृद्धि के अपने अनुमानों को पहले के स्तर पर ही बरकरार रखा है। बैंक आफ अमेरिका ने जहां 2020- 21 में 0.1 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान लगाया है वहीं नोमुरा ने पांच प्रतिशत गिरावट का अनुमान व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड- 19 महामारी के बीच अर्थव्यवस्था में संभाविति गिरावट का थामने के लिये 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। यह राशि जीडीपी का 10 प्रतिशत के बराबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज के बारे में जानकारी देने के लिये लगातार पांच दिन तक संवाददाता सम्मेलन किया।
जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के विश्लेषकों का कहना है, ‘‘पैकेज कुछ व्यवसायों की परेशानी को निकट भविष्य में दूर करने के लिये कमजोर पड़ सकता है, लेकिन यह भारत की मध्यमकालिक वृद्धि संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिये अच्छी तरह से तैयार किया गया है। इससे दीघकालिक जोखिम पूंजी को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।’’
उन्होंने हालांकि, इसमें यह भी जोड़ा है कि पैकेज में ‘‘कोई बड़ा आकर्षण’’ नहीं है।
हालांकि, बोफा के विश्लेषकों ने इससे हटकर बात रखते हुये कहा कि कृषि, खनन, बिजली और उद्योग, रक्षा क्षेत्र में ऊंचा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा सभी क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिये खोलने जैसे कदम से आने वाले समय में वृद्धि को बल मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘निकट भविष्य में, जून तिमाही में जीडीपी 12 प्रतिशत तक गिर सकती है और वित्त वर्ष 2020- 21 में यह 0.1 प्रतिशत घट सकती है।’’
वहीं, नोमुरा ने कहा कि सरकार के आर्थिक पैकेज की वजह से राजकोषीय घाटे पर केवल 0.8 प्रतिशत का ही असर होगा। वर्ष 2020- 21 की समाप्ति में भारत का राजकोषीय घाटा 7 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
ब्रोकरेज फर्म ने हालांकि, इसका स्वागत किया है कि सरकार ने संकट के इस समय को राजनीतिक रूप से संवेदनशील सुधारों को आगे बढ़ाने के लिये किया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2020 06:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

