देश की खबरें | शोखावत ने ‘जल जीवन मिशन’ को लागू करने के लिए राज्यों के मंत्रियों के साथ बैठक की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को राज्यों के मंत्रियों और जल विभाग के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक की और केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ को लागू करने के तौर पर तरीकों पर चर्चा की। इस मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण घरों तक नल से जलापूर्ति करने का लक्ष्य है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, तीन नवंबर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को राज्यों के मंत्रियों और जल विभाग के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक की और केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ को लागू करने के तौर पर तरीकों पर चर्चा की। इस मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण घरों तक नल से जलापूर्ति करने का लक्ष्य है।

मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि पिछले सप्ताह मंत्रालय ने जल जीवन मिशन के लागू करने के संदर्भ में पश्चिम बंगाल के प्रदर्शन को ‘नगण्य’ करार दिया था और आज राज्य का प्रतिनिधित बैठक में शामिल नहीं हुआ।

यह भी पढ़े | Delhi: डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बच्चों और उनके टीचर्स के साथ कोडिंग प्रोग्राम की समीक्षा की, कहा- सपना है कि हमारे स्टूडेंट्स गूगल जैसी कंपनियां बनाएं.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब इस बैठक में शामिल हुए।

शेखावत ने कहा, ‘‘हमारी राजनीतिक प्रतिबद्धताएं अलग हो सकती है लेकिन राज्यों द्वारा जल जीवन मिशन को लागू करने के लिए दिखाया गया उत्साह अभूतपूर्व है।’’

यह भी पढ़े | आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक का बड़ा आरोप, कहा- बीजेपी ने एमसीडी को लूट कर बर्बाद कर दिया, अब दिल्ली की जमीनों को बेचने जा रही है.

उन्होंने कहा कि इस मिशन को पिछले साल अगस्त में शुरू किया गया था और अबतक 2.55 करोड़ घरों को पानी का कनेक्शन दिया गया है एवं महामारी के बावजदू राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

मंत्री ने कहा कि गोवा ने पहले ही सभी ग्रामीण घरों तक नल से पानी की आपूर्ति करने के लिए कनेक्शन देने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना, पुडुचेरी, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश उन राज्यों में है जिन्होंने मिशन को लागू करने में अच्छी प्रगति की है।

गौरतलब है कि इस योजना पर 3.6 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है जिसमें से केंद्र की हिस्सेदारी 2.08 लाख करोड़ रुपये है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\