83 वर्षीय शेख नवाफ लंबे अरसे तक सुरक्षा सेवा से जुड़े रहे।
ऐसी उम्मीद नहीं है कि शेख नवाफ दिवगंत अमीर शेख सबाह के कूटनीतिक मार्ग से हटेंगे।
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बहरहाल, शेख नवाफ के अमीर बन जाने से इस बात को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि मुल्क का नया वलीअहद कौन होगा।
कुवैत अपने पड़ोसी अरब देशों के राजतंत्र की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्र है और यहां निर्वाचित संसद है।
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कुवैत के लिए दिवंगत शेख सबाह की अंतिम यात्रा बुधवार शाम शुरू होगी। उनके पार्थिव देह को अमेरिका के मिनेसोटा के रोचेस्टर स्थित मायो क्लीनिक से लाया जाएगा, जहां ऑपरेशन के बाद से उनका इलाज चल रहा था।
कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी केयूएनए ने खबर दी है कि उनकी तदफीन (सुपुर्द-ए-खाक करना) में बड़ी संख्या में कुवैत के लोग और विदेशी नेता हिस्सा लेते, लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से उनकी तदफीन में बस रिश्तेदारों को ही शरीक होने की इजाजत होगी।
शेख सबाह अपनी चतुर कूटनीति और शांति प्रयासों के लिए जाने जाते थे। उनके इंतकाल पर भारत समेत दुनिया के कई देशों ने अफसोस जताया है। उनमें सऊदी अरब और ईरान भी शामिल हैं।
शेख नवाफ ने कुवैत के नए शासक के तौर पर संसद भवन में कार्यभार संभाला। वह पारंपरिक सेफद लिबास पहने हुए थे। महामारी के वजह से उन्होंने मास्क लगाया हुआ था।
एपी
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