खेल की खबरें | शरत कमल तीसरे दौर में, मनिका और सुतिर्था का सफर समाप्त

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. अपना चौथा ओलंपिक खेल रहे अचंता शरत कमल ने शुरू में पिछड़ने के बाद अच्छी वापसी करते हुए तोक्यो ओलंपिक खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में सोमवार को यहां पुरुष एकल के तीसरे दौर में प्रवेश किया लेकिन महिला एकल में मनिका बत्रा और सुतिर्था मुखर्जी सीधे गेम में हारकर बाहर हो गयी।

तोक्यो, 26 जुलाई अपना चौथा ओलंपिक खेल रहे अचंता शरत कमल ने शुरू में पिछड़ने के बाद अच्छी वापसी करते हुए तोक्यो ओलंपिक खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में सोमवार को यहां पुरुष एकल के तीसरे दौर में प्रवेश किया लेकिन महिला एकल में मनिका बत्रा और सुतिर्था मुखर्जी सीधे गेम में हारकर बाहर हो गयी।

शरत कमल ने 49 मिनट तक चले मैच में पुर्तगाल के 20वीं वरीयता प्राप्त टियागो अपोलोनिया पर 4-2 (2-11, 11-8, 11-5, 9-11, 11-6, 11-9) से जीत दर्ज की।

टेबल टेनिस में भारत की उम्मीदें अब शरत कमल पर टिकी हैं लेकिन उन्हें मंगलवार को तीसरे दौर में चीन के मौजूदा चैंपियन मा लांग की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। लांग अभी विश्व चैंपियन भी हैं।

मनिका ने इससे पहले अपने से अधिक रैंकिंग की खिलाड़ियों को हराया था लेकिन तीसरे दौर में आस्ट्रिया की विश्व में 16वें नंबर की सोफिया पोलकानोवा के नियंत्रित और दमदार खेल का उनके पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने केवल 22 मिनट में 0-4 (8-11, 2-11, 5-11, 7-11) से यह मैच गंवाया।

महिला एकल के दूसरे दौर में सुतिर्था पुर्तगाल की फू यू से एकतरफा मुकाबले में 0-4 (3-11, 3-11, 5-11, 5-11) से हार गयी। यह मैच केवल 20 मिनट तक चला।

शरत कमल की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टियागो ने पहले गेम में लगातार नौ अंक बनाकर उसे आसानी से अपने नाम किया। शरत ने हालांकि दूसरे गेम में 5-0 की बढ़त बनाकर अपना आत्मविश्वास जगाया। टियागो ने बीच में वापसी की कोशिश की लेकिन 39 वर्षीय शरत बढ़त बरकरार रखने में कामयाब रहे। इस बीच भारतीय खिलाड़ी का ‘मूवमेंट’अच्छा रहा।

तीसरे गेम में भी शरत ने 5-0 की बढ़त से शुरुआत की और आसानी से यह गेम अपने नाम करके मैच में 2-1 से आगे हो गये। शरत चौथे गेम में भी एक समय आगे थे लेकिन टियागो ने पहले स्कोर 7-7 से बराबर किया और फिर यह गेम जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया।

भारतीय खिलाड़ी की शुरुआती बढ़त के बाद पांचवें गेम में स्कोर एक समय 4-4 से बराबर था। शरत इसके बाद टेबल के अधिक करीब आकर खेलने लगे। इसका उन्हें फायदा मिला। उन्हें पांच गेम प्वाइंट मिले और उन्होंने बैकहैंड पर अंक बनाकर मैच में फिर से बढ़त हासिल कर दी।

छठे गेम में काफी कड़ा मुकाबला देखने को मिला और स्कोर 9-9 से बराबर हो गया। शरत ने हालांकि आक्रामकता दिखायी और लगातार दो अंक लेकर मैच अपने नाम किया।

शरत ने मैच के बाद कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि यह मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ मैचों में से एक था। पहले गेम में मुझे नहीं पता कि क्या हुआ, मैं गेंद के साथ ठीक से संपर्क नहीं कर पा रहा था। मैं हालांकि अपना आत्मविश्वास बनाये रखने में सफल रहा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे प्रतिद्वंद्वी को एक अलग शरत की उम्मीद थी लेकिन मैंने अपने बैकहैंड से उसे चौंका दिया, जो शानदार था। पिछले छह महीने में मैंने अपने बैकहैंड पर काफी मेहनत की, जिसे अच्छे से भुनाने में सफल रहा।’’

शरत को अब मा लांग की चुनौती का सामना करना है जिनका मौजूदा ओलंपिक में यह पहला मुकाबला होगा। शरत का मानना है कि वह मैच खेलने के बाद अच्छी स्थिति में है।

उन्होंने कहा, ‘‘ उसे अभी अपने अभियान को शुरू करना (पहले दो राउंड में बाई मिलने के कारण) है। ऐसे में उस पर दबाव होगा। जैसा कि मैंने पहले कहा है, मैंने अपने खेल को लेकर कभी इतना बेहतर महसूस नहीं किया। उम्मीद है, मैं उसे चुनौती देने में सफल रहूंगा।’’

मनिका ने शुरुआत पोलकानोवा के खिलाफ बैकहैंड स्मैश से अंक जुटाकर की और इसके बाद उन्होंने करारे स्मैश से 5-3 की बढ़त बनायी। इसके बाद भी उन्होंने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन पोलकानोवा को पहला गेम जीतने से नहीं रोक पायी।

पोलकानोवा को दूसरा गेम में जीतने में कोई दिक्कत नहीं हुई क्योंकि मनिका के रिटर्न प्रभावी नहीं थे। इस बीच उन्होंने गलतियां करना जारी रखा। तीसरे गेम में भी यही कहानी दोहरायी गयी और मनिका ने अपनी गलतियों और विशेषकर शॉट पर नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण आस्ट्रियाई खिलाड़ी को अंक बनाने का मौका दिया।

मनिका के पास पोलकानोवा के बैकहैंड स्मैश का कोई जवाब नहीं था। वह चौथे गेम में शुरू में ही पिछड़ गयी और वापसी करने में नाकाम रही। इसके साथ ही उनका तोक्यो ओलंपिक का अभियान भी समाप्त हो गया। मनिका और शरत की जोड़ी मिश्रित युगल में पहले ही हारकर बाहर हो गयी थी।

इससे पहले महिला एकल के मैच में ही सुतिर्था किसी भी समय मुकाबले में नहीं दिखी। उन्होंने कई गलतियां की जिसका पुर्तगाली खिलाड़ी ने पूरा फायदा उठाया। फू यू ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरू से आखिर तक दबदबा बनाये रखा।

फू यू के फोरहैंड स्मैश करारे थे जिनका सुतिर्था के पास कोई जवाब नहीं था। भारतीय खिलाड़ी ने दूसरे और तीसरे गेम में शुरू में अंक बनाये लेकिन वह अपनी लय बरकरार रखने में असफल रही।

भारत के एक अन्य खिलाड़ी जी साथियान रविवार को पुरुष एकल के दूसरे दौर में हार गये थे।

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