देश की खबरें | शरद पवार राकांपा संकट पर कानूनी राय ले रहे हैं : सूत्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार अपने भतीजे अजित पवार के शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने और उनकी (अजित की)ओर से बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन होने का दावा करने के कारण पार्टी में पैदा हुए संकट से निपटने के लिए कानूनी राय ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मुंबई, चार जुलाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार अपने भतीजे अजित पवार के शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने और उनकी (अजित की)ओर से बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन होने का दावा करने के कारण पार्टी में पैदा हुए संकट से निपटने के लिए कानूनी राय ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने कहा कि सोमवार रात सतारा से लौटने के बाद शरद पवार मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से निपटने के मद्देनजर कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कानूनी राय लेना जरूरी है, क्योंकि यह मुद्दा संविधान की 10वीं अनुसूची से संबंधित है।’’

संविधान में 10वीं अनुसूची का प्रावधान पद का लालच, भौतिक लाभ या इसी तरह के विचारों से प्रेरित राजनीतिक दलबदल को रोकने के लिए किया गया है। यह दलबदल के आधार पर अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे और सदन के अध्यक्ष की भूमिका से भी संबंधित है।

क्रास्टो ने दावा किया कि अजित पवार के नेतृत्व वाले समूह को 13 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त नहीं है और इस पर दल-बदल रोधी कानून के प्रावधान लागू हो सकते हैं।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कल (बुधवार) दोपहर एक बजे शरद पवार द्वारा बुलाई गई बैठक में उन्हें हासिल समर्थन की स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी।’’

अजित पवार खेमे ने राकांपा के 53 में से कम से कम 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया था।

गौरतलब है कि रविवार को अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जब पत्रकारों ने शरद पवार से पूछा था कि क्या वह कानून का सहारा लेंगे तो उन्होंने कहा था कि वह इस सबमें नहीं पड़ेंगे, बल्कि लोगों के बीच जाएंगे।

राकांपा ने महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के समक्ष एक याचिका दायर की है, जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार समेत नौ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।

सोमवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के चलते पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव सुनील तटकरे को ‘‘पार्टी विरोधी’’ गतिविधियों में शामिल होने के लिए पद से हटा दिया था।

वहीं, अजित पवार खेमे ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष से जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को अजित पवार को राकांपा विधायक दल का नेता और सुनील तटकरे को राकांपा की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया था।

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