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देश की खबरें | शरद पवार हमारे मार्गदर्शक और नेता हैं: शिवसेना-उबाठा के नेता संजय राउत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधने के कुछ दिनों बाद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को वरिष्ठ नेता की तुलना मराठा सेनापति महादजी शिंदे से की, जिन्होंने 18वीं शताब्दी में दिल्ली पर विजय प्राप्त की थी।

देश की खबरें | शरद पवार हमारे मार्गदर्शक और नेता हैं: शिवसेना-उबाठा के नेता संजय राउत

नयी दिल्ली, 21 फरवरी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधने के कुछ दिनों बाद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को वरिष्ठ नेता की तुलना मराठा सेनापति महादजी शिंदे से की, जिन्होंने 18वीं शताब्दी में दिल्ली पर विजय प्राप्त की थी।

यहां एक पुस्तक के विमोचन के लिए आयोजित समारोह में पवार के साथ मंच साझा करते हुए राज्यसभा सदस्य राउत ने राकांपा (एसपी) प्रमुख की प्रशंसा की और उन्हें ऐसा नेता बताया जिन्हें महाराष्ट्र दिल्ली में देखना चाहता है ।

शिवसेना (यूबीटी) ने पिछले महीने पवार द्वारा एकनाथ शिंदे को सम्मानित किए जाने की आलोचना की थी। शिंदे को पुणे के एक गैर सरकारी संगठन द्वारा स्थापित महादजी शिंदे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शिंदे 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को गिराकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे।

नीलेश कुमार कुलकर्णी द्वारा लिखित पुस्तक ‘संसद ते सेंट्रा विस्टा’ (संसद से सेंट्रल विस्टा तक) का विमोचन करने के बाद राउत ने कहा, ‘‘शरद पवार हमारे विरोधी नहीं हैं। वह कभी हमारे दुश्मन नहीं रहे। वह हमारे मार्गदर्शक और हमारे नेता हैं। वह हमारे महादजी शिंदे हैं।’’

राउत ने कहा कि मराठा साम्राज्य के सेनापति दिल्ली में ‘किंगमेकर’ थे और उन्होंने दो बार विजय प्राप्त करने के बाद यहां शासकों की नियुक्ति की।

हालांकि, राउत ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्थायी रूप से बसने के इरादे से दिल्ली आता है तो वह ऐसा नहीं कर सकता।

राउत ने कहा, ‘‘यह परिवर्तन का शहर है। बाहरी लोग यहां आते हैं, शासन करते हैं और वापस चले जाते हैं। जो लोग आज दिल्ली पर शासन कर रहे हैं, उन्हें भी वापस लौटना होगा। कुछ लोग राजस्थान लौट गए हैं और कुछ महाराष्ट्र लौट गए तथा कुछ गुजरात लौट जाएंगे।’’

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी कहा कि विश्वासघात और षड्यंत्र दिल्ली में जीवन का अभिन्न अंग हैं।

पवार ने भी 1962-63 में कांग्रेस की बैठक के लिए दिल्ली की अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए बताया कि कैसे वह और पार्टी में उनके कुछ साथी पहली बार जवाहरलाल नेहरू को देखकर अचंभित रह गए थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2025 09:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).