पटना, 25 फरवरी बिहार में शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों को संबोधित करने वाले हैं जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव महागठबंधन की एक संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे।
भाजपा के मुख्य रणनीतिकार शाह बाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करने के साथ राज्य के अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। बाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र पार्टी का गढ़ रहा है जो पार्टी को 2019 में जनता दल (यूनाइटेड) (जद-यू) के साथ सीट-बंटवारे मिला था।
पूर्णिया में दोपहर के आसपास ‘महागठबंधन’ की रैली होने वाली है। रैली में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, कांग्रेस एवं वाम दलों जैसे छोटे सहयोगियों के साथ शामिल होंगे।
नीतीश, अगले साल के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पछाड़ने के लिए विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में लगे हैं और इस रैली को उसी की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
पश्चिम चंपारण जिले में रैली के कुछ घंटे बाद शाह राज्य की राजधानी पटना में होंगे। पटना में वह किसान नेता और स्वतंत्रता सेनानी स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती मनाने के लिए आयोजित ‘किसान मजदूर समागम’ को संबोधित करेंगे।
चार महीने से अधिक के अंतराल के बाद बिहार के अपने इस दौरे के दौरान गृह मंत्री शाम को गुरु गोबिंद सिंह के जन्म स्थान एवं विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल तख्त हरमंदिर पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
राज्य में भाजपा के सत्ता से बेदखल होने के बाद शाह पहली बार बिहार की राजधानी का दौरा करेंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
शाह के दौरे को लेकर प्राप्त विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार वह शाम करीब चार बजे जय प्रकाश नारायण हवाई अड्डे पर पहुंचेगे। वह पश्चिम चंपारण जिले में पार्टी की एक रैली को संबोधित करने के बाद यहां पहुंचेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री को सुरक्षा कवच प्रदान करने में स्थानीय पुलिस केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की सहायता करेगी। शाह ‘किसान मजदूर समागम’ को संबोधित करने के लिए हवाई अड्डे से लगभग चार किलोमीटर दूर सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगे।
शाम करीब साढ़े छह बजे शाह तख्त हरमंदिर पटना साहिब जाएंगे, जहां गुरुद्वारे में करीब आधा घंटा बिताने के बाद गृह मंत्री राजकीय गेस्ट हाउस के लिए रवाना होंगे, जहां से रात के खाने के बाद रात सवा नौ बजे वापसी की उड़ान में सवार होंगे।
भाजपा की बिहार इकाई के प्रवक्ता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने कहा, ‘‘भाजपा संगठनात्मक ताकत और वैचारिक प्रतिबद्धता के दो स्तंभों पर खड़ी है और केंद्रीय गृह मंत्री की बिहार यात्रा उसी की पुष्टि है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘दूसरी तरफ महागठबंधन ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सीमांचल इलाके को मुस्लिम तुष्टिकरण का कार्ड खेलने के लिए चुना है।’’
‘महागठबंधन’ के सबसे बड़े घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘पूर्णिया की रैली भाजपा को सत्ता से बाहर करने की लड़ाई का बिगुल बजाएगी। अमित शाह की यात्रा से कुछ हासिल नहीं होगा। उनके द्वारा कथित सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास किए जाने की संभावना है, जो 2024 के चुनाव में भाजपा के लिए एकमात्र उम्मीद है।’’
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