अमृतसर, 24 जनवरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिख तीर्थयात्रियों के लिए वीजा संबंधी मुद्दों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में भारत में पाकिस्तानी मिशन के प्रभारी साद अहमद वाराइच से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों में मत्था टेकने के लिए एसजीपीसी द्वारा भेजी गई सूची में शामिल सभी सिख तीर्थयात्रियों को वीजा दिया जाए और सिख गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस के अवसर पर सिख जत्थे को 'नानकशाही' कैलेंडर के अनुसार यात्रा की अनुमति दी जाए। यह इस साल 30 मई को है।
एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, सदस्य राजिंदर सिंह मेहता, सचिव प्रताप सिंह और सहायक सचिव जसविंदर सिंह शामिल थे।
एसजीपीसी के एक बयान के अनुसार, कुलवंत सिंह मन्नन और भाई राजिंदर सिंह मेहता ने कहा कि पिछले दिनों एसजीपीसी द्वारा पाकिस्तान उच्चायोग को भेजी गई सूची में से बड़ी संख्या में सिख तीर्थयात्रियों को वीजा देने से मना कर दिया गया था। इस मामले पर चर्चा के लिए शुक्रवार को दिल्ली में पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि सिखों के प्रतिनिधि संगठन के रूप में एसजीपीसी हर साल खालसा साजना दिवस (वैसाखी), गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस, महाराजा रणजीत सिंह की बरसी (पुण्यतिथि) और गुरु नानक देव के प्रकाश गुरुपर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर पाकिस्तान स्थित विभिन्न गुरुद्वारों में मत्था टेकने के लिए जत्थे भेजता है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों से एसजीपीसी द्वारा भेजी गई सिख तीर्थयात्रियों की पूरी सूची को पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा वीजा नहीं दिया गया है, तथा बड़ी संख्या में नामों को सूची से हटा दिया गया है।
एसजीपीसी अधिकारियों ने कहा कि यह मुद्दा पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों के समक्ष उठाया गया तथा मांग की गई कि पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारों के प्रति सिख तीर्थयात्रियों की श्रद्धा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एसजीपीसी द्वारी भेजी गई सूची से अधिकतम तीर्थयात्रियों को वीजा जारी किया जाए।
पाकिस्तान उच्चायोग को एक पत्र भी सौंपा गया।
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