देश की खबरें | परिवार के अंदर बच्चों का यौन शोषण उनके विश्वास का हनन है: न्यायमूर्ति हिमा कोहली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने शनिवार को कहा कि परिवार के अंदर बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं बच्चे के विश्वास का निंदनीय हनन और पारिवारिक तानेबाने के साथ अक्षम्य अपराध है।
नयी दिल्ली, 25 फरवरी उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने शनिवार को कहा कि परिवार के अंदर बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं बच्चे के विश्वास का निंदनीय हनन और पारिवारिक तानेबाने के साथ अक्षम्य अपराध है।
न्यायमूर्ति कोहली ने कहा कि इस तरह के पीड़ित बच्चों को पूरी तरह समर्थन की और उन्हें समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शोषण का पीड़ित पर लंबे समय तक असर रहता है और दुर्भाग्य की बात है कि कई बार परिवार के सम्मान के नाम पर इस तरह की घटनाओं को दबा दिया जाता है।
वह दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित समारोह में पत्रिका ‘चिल्ड्रन फर्स्ट’ के तीसरे संस्करण के जारी होने के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं।
न्यायमूर्ति कोहली ने कहा कि सभी पक्षों के लिए जरूरी है कि बच्चों की बेहतरी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने के लिहाज से हाथ मिलाएं।
उन्होंने कहा कि परिवार के अंदर बच्चों का यौन उत्पीड़न संवेदनशील विषय है जिसे कई बार दबाया जाता है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान उच्चतम न्यायालय ओर कई उच्च न्यायालयों ने बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए अनेक निर्देश जारी किये थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)