विदेश की खबरें | सात पूर्व विदेश मंत्रियों ने हांगकांग पर जॉनसन से वैश्विक गठजोड़ का अनुरोध किया

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लंदन, एक जून ब्रिटेन के सात पूर्व विदेश मंत्रियों ने बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया कि चीन के नए सुरक्षा कानून की वजह से पैदा हुए हांगकांग संकट पर समन्वित प्रतिक्रिया के लिये वह एक वैश्विक गठजोड़ बनाए।

हांगकांग को लेकर उस प्रस्तावित सुरक्षा कानून की वजह से चीन को दुनिया भर में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है जिसके तहत चीनी प्राधिकार को कमजोर करने को अपराध माना जाएगा।

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प्रधानमंत्री जॉनसन को भेजे गए पत्र में पूर्व विदेश मंत्रियों- जर्मी हंट, डेविड मिलिबैंड, जैक स्ट्रा, विलियम हेग, मैलकॉम रिफकाइंड, डेविड ओवन और मार्ग्रेट बैकेट्ट - ने आह्वान किया कि ब्रिटेन को अपने पूर्व उपनिवेश पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का नेतृत्व करते नजर आना चाहिए।

उन्होंने पत्र में लिखा, “आने वाले हफ्तों में हांगकांग में जैसे-जैसे घटनाक्रम आगे बढ़ेगा, हमें उम्मीद है कि आप इस पर ब्रिटिश सरकार के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व की आवश्यकता को समझेंगे और उसके मुताबिक कार्रवाई करेंगे।”

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जॉनसन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि हांगकांग के लोगों के लिये ब्रिटेन का नैतिक और कानूनी दायित्व बरकरार है।”

पूर्व विदेश मंत्री चाहते हैं जिस तरह 1990 के दशक में बोस्निया संकट के दौरान बाल्कन देशों के लिये एक समूह स्थापित हुआ था उसी तरह एक नया अंतरराष्ट्रीय “संपर्क समूह” बने।

पूर्व विदेश मंत्री चाहते हैं कि जॉनसन स्थगित हुए जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हांगकांग का मुद्दा उठाएं, और राष्ट्रमंडल व यूरोपीय संघ (ईयू) से भी इस मुद्दे पर समर्थन मांगें। जी-7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे।

ब्रिटिश विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने कहा कि ब्रिटेन हांगकांग की पीड़ा से मुंह नहीं मोड़ेगा क्योंकि नया सुरक्षा कानून, चीनी कानून और 1997 के समझौते के तहत दी गई स्वायत्तता की गारंटी का, “बेहद स्पष्ट रूप से उल्लंघन” करता है।

हांगकांग एक विशेष समझौते के तहत एक जुलाई 1997 को ब्रिटिश नियंत्रण से चीन को सौंपा गया था।

राब ने कहा, “हम अपनी आंखे बंद नहीं करने जा रहे। हम अपनी जिम्मेदारियों, हांगकांग के लोगों से मुंह नहीं मोड़ेंगे”

पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश के लोगों को ‘मूल कानून’ के तहत कुछ स्वतंत्रता हैं जो चीन के अंदर लोगों को नहीं है। ऐसी आशंका है कि प्रस्तावित नया कानून मूल कानून में दी गई कुछ आजादी से समझौता कर सकता है। यही वजह है कि इस कानून के विरोध में हांगकांग में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस बीच हाउस ऑफ कॉमन्स की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष टॉम टगेनधत ने भी चेताया है कि ब्रिटेन को चीन के साथ अपने संबंधों पर “पुनर्विचार” करने की जरूरत है।

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