देश की खबरें | जेल में बंद अमृतपाल सिंह के सात साथियों को पंजाब वापस लाया गया, पुलिस हिरासत में भेजा गया
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चंडीगढ़, 21 मार्च खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के सात सहयोगियों को शुक्रवार को पंजाब में अमृतसर के अजनाला की एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें 25 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अमृतपाल सिंह के इन सात सहयोगियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत लगाए गए आरोप वापस लिए जाने के बाद उन्हें असम के डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया था जिसके बाद पंजाब पुलिस ने एक अन्य मामले में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया था।
अधिकारियों ने बताया कि सभी सातों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अजनाला की अदालत में पेश किया गया।
पंजाब सरकार ने अमृतपाल के सात सहयोगियों की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद उन पर फिर से रासुका नहीं लगाने का फैसला किया था।
पंजाब पुलिस ने 2023 में अमृतसर के बाहरी इलाके में एक पुलिस थाने पर हमला करने के आरोप में उन्हें फिर से गिरफ्तार किया था और असम के डिब्रूगढ़ की एक स्थानीय अदालत से ‘ट्रांजिट रिमांड’ हासिल की थी।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को बताया था कि अमृतपाल के सातों सहयोगियों को अजनाला पुलिस थाने में 2023 में किए गए हमले के मामले में कानून का सामना करना पड़ेगा और उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।
पंजाब पुलिस उनकी ‘ट्रांजिट रिमांड’ हासिल करके डिब्रूगढ़ जेल से कानूनी स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें अजनाला लेकर आई।
पंजाब पुलिस का 25 सदस्यीय दल पिछले कुछ दिनों से डिब्रूगढ़ में था ताकि वारिस पंजाब दे (डब्ल्यूपीडी) के नेता के उन सहयोगियों को स्थानांतरित किया जा सके, जो अमृतपाल सिंह के साथ लगभग दो साल से यहां जेल में थे।
अमृतपाल के जिन साथियों को पंजाब लाया गया है उनमें मोगा के दौलतपुरा ऊंचा का बसंत सिंह, मोगा के गांव बाजेके का भगवंत सिंह उर्फ प्रधान मंत्री बाजेके, मोगा के बुक्कनवाला गांव का गुरमीत सिंह गिल उर्फ गुरमीत बुक्कनवाला, नयी दिल्ली के पश्चिमी पंजाबी बाग का सरबजीत सिंह कलसी उर्फ दलजीत सिंह कलसी, फगवाड़ा का गुरिंदरपाल सिंह औजला उर्फ गुरी औजला, अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव का हरजीत सिंह उर्फ चाचा और मोगा के राउके कलां का कुलवंत सिंह धालीवाल उर्फ कुलवंत सिंह शामिल हैं।
रासुका के तहत हिरासत की अवधि समाप्त होने के कारण इन सभी को पिछले तीन दिन के दौरान डिब्रूगढ़ जेल से समूहों में रिहा किया गया है।
अमृतपाल समेत खालिस्तान समर्थक संगठन के 10 सदस्यों को मार्च 2023 में डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार में रखा गया था। उन्हें संगठन पर कार्रवाई के तहत पंजाब के विभिन्न हिस्सों से रासुका के तहत गिरफ्तार किया गया था।
अमृतपाल ने 2024 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा था और खडूर साहिब सीट से जीत दर्ज की थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 21, 2025 10:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

