देश की खबरें | सेवा विवाद : केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ ‘आप’ 11 जून को करेगी महारैली
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नयी दिल्ली, 22 मई आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को कहा कि वह केंद्र की ओर से लाए गए ‘काले अध्यादेश’ के खिलाफ 11 जून को ‘महारैली’ करेगी।
उच्चतम न्यायालय की ओर से केजरीवाल सरकार के हक में दिए गए फैसले के बाद लाया गया अध्यादेश उपराज्यपाल (एलजी) को प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण प्रदान करता है।
‘आप’ के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस अध्यादेश से पता चलता है कि केंद्र इस तरह के ''तानाशाही वाले फैसले'' देश पर थोपेगा।
उन्होंने लोगों से रामलीला मैदान में रैली में शामिल होने की भी अपील की और कहा कि वह अध्यादेश के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं, भले ही उनका राजनीतिक जुड़ाव किसी भी दल से हो।
केंद्र सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और दानिक्स (डीएएनआईसीएस) कैडर के अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही के लिए राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण गठित करने के वास्ते 19 मई को अध्यादेश लेकर आई थी।
इससे एक हफ्ते पहले ही उच्चतम न्यायालय ने पुलिस, लोक सेवा और भूमि से संबंधित विषयों को लेकर सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली की चुनी हुई सरकार को सौंप दिया था।
राय ने कहा, “ इस काले अध्यादेश ने साफ कर दिया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस तरह के तानाशाही वाले फैसले देश पर थोपेगी। इसलिए ‘आप’ ने दिल्ली की जनता के साथ मिलकर इसके खिलाफ अभियान चलाने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा, “ इस अध्यादेश के खिलाफ 11 जून को रामलीला मैदान में दिल्ली की जनता महारैली के लिए जुटेगी।”
‘आप’ नेता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ‘जिस तरह से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री ने अध्यादेश जारी किया है, वह दिल्ली के लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात है।’
उन्होंने कहा, “ इस साजिश के जरिए दिल्ली के नागरिकों के अधिकारों को हड़प लिया गया है। जब से यह अध्यादेश जारी हुआ है तब से आप सब देख रहे हैं कि भाजपा के नेता इस काले अध्यादेश का गुणगान कर रहे हैं।”
राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने दिल्लीवासियों द्वारा चुनी गई सरकार को दिल्ली की नौकरशाही व्यवस्था को जवाबदेही और पारदर्शिता के आधार पर चलाने का मौका दिया था।
उन्होंने कहा, “ सत्ता के अहंकार में मोदी सरकार ने जो किया है वह दिल्ली की चुनी हुई सरकार का ही नहीं बल्कि दिल्ली की दो करोड़ जनता का भी अपमान है।”
‘आप’ नेता ने कहा कि दिल्ली के लोग इसे पूर्ण राज्य बनाने के लिए तब से संघर्ष कर रहे हैं जब मदनलाल खुराना मुख्यमंत्री थे।
राय ने दावा किया, “ अब, भाजपा कहती है कि वह दिल्ली को आधा या चौथाई राज्य भी नहीं रहने देगी। अब, दिल्ली के सभी फैसले उपराज्यपाल द्वारा लिए जाएंगे।’’
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