देश की खबरें | साइबर खतरों एवं ऑनलाइन ठगी के बारे में छात्रों, अभिभावकों को संवेदनशील बनाएं : सरकार

नयी दिल्ली, 23 फरवरी दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों को छात्रों एवं उनके अभिभावकों को कोरोना वायरस महामारी के दौरान साइबर खतरों एवं आनलाइन ठगी तथा इन खतरों से बच्चों की सुरक्षा के बारे में संवेदनशील बनाने के लिये कहा है ।

महामारी को देखते हुये पिछले साल मार्च में देश भर में लॉक डाउन लगाया गया था जिसके बाद अध्ययन एवं अध्यापन की प्रक्रिया आनलाइन हो गयी थी ।

स्कूल प्रमुखों को लिखे पत्र में शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान ज्ञान अर्जित करने के लिये स्कूली शिक्षा आनलाइन हो गयी है ।

निदेशालय ने अपने पत्र में कहा है, ‘‘इंटरनेट पर स्पेस बढ़ रहा है और इस पर नजर रखने के लिये डेटा सुरक्षा, निजता एवं बचाव अपर्याप्त है । यह महत्वपूर्ण है कि इंटरनेट से जुड़ा रहने वाला हर व्यक्ति इसके खतरों से अवगत हो सके ।’’

पत्र में कहा गया है, ‘‘इसके अतिरिक्त, इन खतरों के प्रति छात्रों को चेताये जाने की जरूरत है और हमारे लिये यह सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है कि हमारे बच्चों को उनकी मासूमियत बनाए रखते हुये गैर-हानिकारक तरीके से उनकी जिज्ञासा पूरी करने के लिये हर संभव कदम उठायें ।’’

निदेशालय ने कहा कि इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (आईसीपीएफ) की ओर से बच्चों के आनलाइन शोषण एवं बाल सेक्स से संबंधित बढ़ती गतिविधि पर किये गये एक अध्ययन में यह पता चला है कि लॉकडाउन के दौरान बाल पोर्नोग्राफी की मांग बढ़ी है ।

निदेशालय ने कहा, ‘‘इसलिए, बच्चों और उनके माता-पिता को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक बनाना अनिवार्य है ।’’

निदेशालय ने स्कूलों से ‘‘कोविड-19 के दौरान सुरक्षित आनलाइन अध्ययन’’ से संबंधित दिशा निर्देशों का हवाला देने के लिये कहा गया है जिसे संयुक्त रूप से एनसीईआरटी एवं यूनेस्को ने तैयार किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)