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जरुरी जानकारी | चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स ने लगाया 889 अंक का गोता, सप्ताह में तीन प्रतिशत की गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजार में शुक्रवार को चौतरफा बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स 889 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 17,000 अंक के नीचे आ गया। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीति रुख को कड़ा किये जाने और कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों को देखते हुए निवेशक जोखिम वाली संपत्ति में निवेश से दूरी बना रहे हैं।

जरुरी जानकारी | चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स ने लगाया 889 अंक का गोता, सप्ताह में तीन प्रतिशत की गिरावट

मुंबई, 17 दिसंबर शेयर बाजार में शुक्रवार को चौतरफा बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स 889 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 17,000 अंक के नीचे आ गया। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीति रुख को कड़ा किये जाने और कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों को देखते हुए निवेशक जोखिम वाली संपत्ति में निवेश से दूरी बना रहे हैं।

कारोबारियों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली लगातार जारी रहने से भी घरेलू शेयर बाजारों पर दबाव पड़ा है।

तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 889.40 अंक यानी 1.54 प्रतिशत लुढ़क कर 57,011.74 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 263.20 अंक यानी 1.53 प्रतिशत का गोता लगाकर 16,985.20 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के शेयरों में 4.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ इंडसइंड बैंक सर्वाधिक नुकसान में रहा। इसके अलावा कोटक बैंक, एचयूएल, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी और एसबीआई में भी गिरावट रही।

मानक सूचकांक में आई गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लि. और एचडीएफसी का कुल योगदान करीब आधा रहा।

सेंसेक्स के केवल पांच शेयर... इन्फोसिस, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, सन फार्मा और टीसीएस ही लाभ में रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कमजोर वैश्विक रुख का असर घरेलू सूचकांकों पर पड़ा। ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच दुनिया के प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीति रुख को कड़ा किये जाने का असर बाजार पर दिख रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने संकट के दौरान के प्रोत्साहन उपायों को वापस लेने का ऐलान किया है। हालांकि कर्ज की लागत को अगले साल कम रखने यानी नीतिगत दर को निचले स्तर पर रखने की घोषणा की। वहीं बैंक ऑफ इंगलैंड ने महामारी के बाद पहली बार प्रमुख नीतिगत दर बढ़ाकर बाजार को चौंकाया है। एफआईआई की निरंतर बिकवाली से भी निवेशक चिंतित हैं। आईटी को छोड़कर सभी क्षेत्रवार सूचकांक नुकसान में रहे।’’

इस कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स में 1,774.93 अंक यानी 3.01 प्रतिशत और निफ्टी में 526.10 अंक यानी 3.0 प्रतिशत की टूट दर्ज की गई।

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी में वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष और इक्विटी शोध प्रमुख शिवानी कुरियन ने कहा कि ओमीक्रोन संक्रमण के मामले बढ़ने, मुद्रास्फीति की चिंता और कई देशों के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति के मामले में कड़ा रुख से भारत सहित वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है।

एशिया के अन्य बाजारों में चीन में शंघाई कंपोजिट सूचकांक, हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहे जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में कुल मिलाकर गिरावट का रुख रहा।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.91 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर तीन पैसे की मामूली बढ़त के साथ 76.06 रुपये के भाव पर रही।

शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक बृहस्पतिवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 1,468.71 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2021 06:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).