जरुरी जानकारी | वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच सेंसेक्स 486 अंक लुढ़का
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 486 अंक लुढ़क गया। कई देशों में कोविड-19 डेल्टा संक्रमण के मामले बढ़ने तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को कड़ा करने को लेकर की गयी टिप्पणी के बाद वैश्विक स्तर पर गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
मुंबई, आठ जुलाई बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 486 अंक लुढ़क गया। कई देशों में कोविड-19 डेल्टा संक्रमण के मामले बढ़ने तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को कड़ा करने को लेकर की गयी टिप्पणी के बाद वैश्विक स्तर पर गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
तीस शेयरो पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 485.82 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,568.94 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 151.75 अंक यानी 0.96 प्रतिशत लुढ़क कर 15,727.90 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में 2.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में टाटा स्टील का शेयर रहा। इसके अलावा सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, कोटक बैंक, डा. रेड्डीज और एचयूएल में भी गिरावट रही।
दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड और एनटीपीसी समेत अन्य शेयर 1.32 प्रतिशत तक लाभ में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर निराशाजनक रुख का असर घरेलू बाजार पर पड़ा। उच्च उतार-चढ़ाव के साथ बिकवाली दबावा चौतरफा देखा गया...चीन में प्रौद्योगिकी कंपनियों पर की गयी कार्रवाई और देश में आर्थिक पुनरूद्धार को लेकर चिंता के बीच एशियाई बाजारों में गिरावट रही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम की शुरूआत हो रही है। इसकी शुरूआत आईटी कंपनी से हो रही है। इसके अलावा आने वाले सप्ताह में अच्छी-खासी संख्या में आ रहे आकर्षक आईपीओ पर सबकी निगाह होगी।’’
रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच घरेलू शेयर बाजार बुधवार के रिकार्ड स्तर से नीचे आया।’’
हांगकांग के हैंगसेग में 2.50 प्रतिशत की गिरावट आयी। नियामकीय जोखिम को लेकर चिंता के बीच निवेशकों ने चीन की प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली की।
फेडरल रिजर्व में अमेरिकी प्रोत्साहन उपायों में कमी की संभावना के बारे में बातचीत होने तथा जापानी अधिकारियों के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ओलम्पिक खेलों के दौरान कोरोना वायरस आपात स्थिति घोषित किये जाने की तैयारी की खबरों से एशियाई बाजारों में गिरावट आयी।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जून में हुई मौद्रिक समीक्षा बैठक के ब्योरे के अनुसार अमेरिकी केंद्रीय बैंक बांड खरीद कार्यक्रम में इस साल से कमी लाने पर विचार कर रहा है। इसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है।
एशिया के अन्य बाजारों शंघाई, सियोल और तोक्यो शेयर बाजारों में भी उल्लेखनीय गिरावट रही।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर नौ पैसे टूटकर 74.71 पर बंद हुई।
शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने 532.94 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2021 06:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

