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जरुरी जानकारी | धातु, बैंक शेयरों में नुकसान से सेंसेक्स, निफ्टी में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बैंक, धातु और चुनिंदा एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट से बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी और नीचे आ गए। वैश्विक बाजारों के मिलेजुले रुख से भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।

जरुरी जानकारी | धातु, बैंक शेयरों में नुकसान से सेंसेक्स, निफ्टी में गिरावट

मुंबई, 10 नवंबर बैंक, धातु और चुनिंदा एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट से बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी और नीचे आ गए। वैश्विक बाजारों के मिलेजुले रुख से भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 80.63 अंक यानी 0.13 प्रतिशत के नुकसान से 60,352.82 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स कमजोर रुख के साथ खुला और एक समय यह 59,967.45 अंक के निचले स्तर तक आ गया था। हालांकि, दोपहर के कारोबार के दौरान इसने अपने कुछ नुकसान की भरपाई की।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 27.05 अंक यानी 0.15 प्रतिशत टूटकर 18,017.20 अंक पर बंद हुआ। धातु कंपनियों- हिंडाल्को, टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील में गिरावट आई।

निफ्टी के 27 शेयर नुकसान में रहे जबकि 22 में लाभ दर्ज किया गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक के शेयर में सबसे ज्यादा तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। टाटा स्टील में 2.77 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.31 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 1.11 प्रतिशत, टाइटन में 1.07 प्रतिशत और एसबीआई में 1.04 प्रतिशत का नुकसान रहा।

वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.16 प्रतिशत चढ़ गया। भारती एयरटेल में सबसे अधिक 3.3 प्रतिशत का लाभ रहा। महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा और आईटीसी के शेयर भी लाभ में रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कमजोर शुरुआत और वैश्विक बाजारों में मुद्रास्फीति की चिंता के बीच घरेलू बाजार व्यापक रूप से कमजोर रुख के साथ खुलने के बाद लगातार नकारात्मक दायरे में रहे।’’ उन्होंने कहा कि शेयर-दर-शेयर आधार पर बाजार में मिलाजुला रुख देखा गया।

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 0.50 प्रतिशत तक नीचे आए।

चीन की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं उत्पादक मूल्य सूचकांक में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नायर ने कहा कि वैश्विक निवेशकों को अमेरिका की मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार है।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख (बिक्री कारोबार) एस हरिहरन ने कहा, ‘‘संस्थागत प्रवाह की दृष्टि से बाजार धारणा कुछ कमजोर थी। नवंबर में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने नकद खंड में 4,000 करोड़ रुपये और शेयर वायदा खंड में 2,500 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।’’

आशिका स्टॉक ब्रोकिंग के खुदरा शोध प्रमुख अरिजीत मालाकार ने कहा कि चीन में कारखाना-गेट मूल्य में बढ़ोतरी जैसे वैश्विक कारकों से बाजार धारणा प्रभावित हुई है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा कि कुछ चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में लाभ से बाजार का नुकसान सीमित रहा।

अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक नुकसान में रहे।

हांगकांग के हैंगसेंग में लाभ रहा। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में थे।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 84.78 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 32 पैसे की भारी गिरावट के साथ 74.37 प्रति डॉलर पर आ गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 10, 2021 05:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).