जरुरी जानकारी | बाजार में दो दिन से जारी तेजी पर विराम, मुनाफावसूली से सेंसेक्स 435 अंक लुढ़का
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर मंगलवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 430 अंक से अधिक नुकसान में रहा। दो दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने बैंक और वित्तीय शेयरों में मुनाफा काटा जिससे बाजार नीचे आया।
मुंबई, पांच अप्रैल घरेलू शेयर बाजारों में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर मंगलवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 430 अंक से अधिक नुकसान में रहा। दो दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने बैंक और वित्तीय शेयरों में मुनाफा काटा जिससे बाजार नीचे आया।
बाजार में गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान एचडीएफसी लि. और एचडीएफसी बैंक का रहा। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में दोनों कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आयी थी।
कारोबारियों के अनुसार, निवेशकों का ध्यान फिर से रूस-यूक्रेन युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी पर गया है।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 435.24 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,176.50 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 96 अंक यानी 0.53 प्रतिशत टूटकर 17,957.40 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में एचडीएफसी बैंक सर्वाधिक 2.98 प्रतिशत नुकसान में रहा। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी, कोटक बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी गिरावट रही।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी, पावरग्रिड, आईटीसी, टाइटन, टीसीएस और नेस्ले इंडिया शामिल हैं। इनमें 3.40 प्रतिशत तक की तेजी रही।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 17 नुकसान में रहे जबकि 13 में लाभ रहा।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘सोमवार की तेजी के बाद मुख्य सूचकांकों में आज गिरावट रही। वैश्विक बाजारों में नरमी का भी असर रहा। लेकिन बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है। पांच-छह महीने एक दायरे में रहने के बाद मझोली और छोटी कंपनियां आकर्षक बनी हुई हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रूस-यूक्रेन युद्ध, ब्याज दरों में वृद्धि और मुद्रास्फीति को लेकर चिंता को देखते हुए अल्प से मध्यम अवधि में उतार-चढ़ाव के साथ बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।’’
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि हाल की तेजी के बाद बाजार में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है और यह बेहतर होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक और कंपनियों के तिमाही परिणाम की शुरुआत को देखते हुए कारोबारी अवसरों की कमी नहीं है। प्रतिभागियों को उन क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए, जो बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं...।’’
बैंक, वित्तीय, रियल्टी और प्रौद्योगिकी सूचकांकों में सबसे अधिक 1.33 प्रतिशत तक की गिरावट रही। वहीं बिजली, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, औद्योगिक और वाहन खंडों में तेजी रही।
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप (मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों से संबंधित) 1.37 प्रतिशत तक चढ़े।
एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे।
दोपहर के कारोबार में यूरोप के प्रमुख बाजारों में गिरावट का रुख रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
निवेशक यूक्रेन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। ऐसी अटकलें हैं कि रूस को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 24 पैसे चढ़कर 75.29 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को शुद्ध रूप से बाजार में 1,150 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी लगायी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2022 05:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

