देश की खबरें | वरिष्ठ पत्रकार पेगासस स्पाइवेयर के उपयोग संबंधी जानकारी का खुलासा करने को लेकर न्यायालय पहुंचे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक वरिष्ठ पत्रकार ने इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का कथित तौर पर उनके मोबाइल में उपयोग करने संबंधी मंजूरी और जांच से जुड़ी सामग्री का खुलासा करने के लिए केंद्र को निर्देश दिये जाने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
नयी दिल्ली, दो अगस्त एक वरिष्ठ पत्रकार ने इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का कथित तौर पर उनके मोबाइल में उपयोग करने संबंधी मंजूरी और जांच से जुड़ी सामग्री का खुलासा करने के लिए केंद्र को निर्देश दिये जाने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
शीर्ष अदालत पहुंचने वाले वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता का नाम भी उस कथित सूची में सामने आया था जिन्हें पेगासस का उपयोग कर कथित तौर पर जासूसी के लिए निशाना बनाया गया।
ठाकुरता ने उच्चतम न्यायालय से जासूसी सॉफ्टवेयर के उपयोग को गैर-कानूनी और असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया और कहा कि पेगासस की मौजूदगी का भारत में वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर ''गंभीर प्रतिकूल प्रभाव'' पड़ेगा।
वरिष्ठ पत्रकार ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि वह केंद्र सरकार को पेगासस जैसे जासूसी सॉफ्टवेयर या साइबर हथियारों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाने का भी निर्देश दे।
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ पेगासस मामले संबंधी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर पांच अगस्त को सुनवायी करेगी। इनमें वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार की याचिका भी शामिल है जिसमें पेगासस मामले की मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
गौरतलब है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबरों को इजराइल के पेगासस स्पाइवेयर के जरिए निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में रखा गया था।
अपनी याचिका में ठाकुरता ने शीर्ष अदालत से केंद्र को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया कि वह निजता के हनन और हैकिंग की किसी भी शिकायत से निपटने के लिए न्यायिक निगरानी तंत्र स्थापित करे और ऐसे उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करे।
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पास यह विश्वास करने का ठोस कारण है कि भारत सरकार या किसी अन्य तीसरे पक्ष ने उनकी गहन जासूसी की और हैकिंग के लिए निशाना बनाया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2021 10:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

