जयपुर, 23 दिसंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा स्वयं सहायता समूह द्वारा किये जाने वाले कार्य समाज के वंचित एंव पिछड़े वर्ग खासकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में प्रभावी योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देशवासियों का प्रण है कि भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में आजादी की शताब्दी वर्ष मनाये।
उन्होंने कहा ,‘‘ इस लक्ष्य की पूर्ति के लिये हमें आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है लेकिन यह तभी संभव है जब देश की प्रत्येक महिला सबला हो , आत्मनिर्भर हो और सशक्त हो।’’
राष्ट्रपति शनिवार को जैसलमेर में लखपति दीदी सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा राजस्थान की महिलाओं ने हमेशा अपनी कर्मठता से न केवल अपने परिवारों में बल्कि यहां की आर्थिक प्रगति में भी अमूल्य योगदान दिया है, इस बात को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने देश में दो करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
उन्होंने कहा इसके अंर्तगत राजस्थान में 11 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुर्मू ने कहा कि यह बहुत ही खुशी की बात है कि राज्य की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण पर केंद्रित राजविका के माध्यम से लगभग तीन लाख महिलाओं के लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘महिला सशक्तीकरण अपने आप में महत्वपूर्ण है। महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के समान भागीदारी सामाजिक और आर्थिक प्रगति में भी अहम योगदान देती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ कोई भी देश अपने 50 प्रतिशत आबादी की उपेक्षा करके आगे नहीं बढ सकता। महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अध्ययन एवं आंकलन यह रेखांकित करते हैं कि अगर श्रमबल में महिलाओं की भागीदारी पुरूषों के बराबर हो तो भारत की जीडीपी में बहुत अधिक वृद्धि हो सकती है।’’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ महिलाओं को अधिक आर्थिक स्वाबलंलन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राजनीतिक शक्ति प्राप्त हो-- इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने श्रमबल महिलाओं की भागीदारी और उनके रोजगार की गुणवत्ता में सुधार के लिये कई कदम उठा रही है।’’
उन्होंने कहा ,‘‘हमें सुनिश्चित करना है कि देश का प्रत्येक नागरिक आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो। इसके लिये आवश्यक है कि लिंग आधारित खाई को जल्द से जल्द भरा जाये।’’
मुर्मू ने कहा कि श्रम कानून में कई सुरक्षात्मक और सहायक प्रावधान शामिल किये गये हैं तथा सरकार ने ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं जो महिलाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक साबित हुई हैं।
उन्होंने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राजनीतिक शक्ति को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की पहल की सराहना की।
उन्होंने सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में लिंग आधारित असमानताओं को दूर करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का भी आह्वान किया।
मुर्मू ने विश्वास व्यक्त किया कि लखपति दीदी सम्मेलन महिला सशक्तीकरण को प्रेरित करेगा और जागरूकता, शिक्षा और कौशल विकास के आधार पर समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
इससे पूर्व राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने पोखरण का दौरा किया और राजस्थान के जैसलमेर सेक्टर में सेवारत डेजर्ट कोर के सैनिकों के साथ बातचीत की।
एक रक्षा प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि दक्षिण कमान के ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ’ लेफ्टिनेंट जनरल ए के सिंह ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, सैन्य अधिकारियों के अलावा अन्य नागरिक गण भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने एक ‘फायरपावर’ अभ्यास देखा, जिसमें नई पीढ़ी की हथियार प्रणालियों सहित विभिन्न हथियारों द्वारा युद्धाभ्यास शामिल था। टैंक की सवारी करते हुए रेगिस्तानी इलाके में उन्होंने अर्जुन टैंक की शक्ति और युद्ध योग्यता का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
भारतीय सेना के जवानों के साथ बातचीत करते हुए, उन्होंने उनके साहस, बलिदान और राष्ट्र की सेवा में उनके योगदान के लिए सराहना की और साथ ही भारतीय सेना के सभी रैंकों की प्रतिबद्धता और हर समय तैयारियों के उच्चतम मानकों की भी सराहना की।
जैसलमेर के शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल हुए।
राजस्थान ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में हुए लखपति दीदी सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि समृद्ध महिलाओं से ही समाज, प्रदेश एवं देश की खुशहाली संभव है।
उन्होंने कहा , ‘‘हमारी सरकार महिला सशक्तीकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने नारी शक्ति के महत्व को समझते हुए लखपति दीदी योजना की शुरूआत की है। मोदी के कुशल नेतृत्व में महिला समृद्धि में हुए कार्यों से देश और प्रदेश समृद्ध और सशक्त होगा।
शर्मा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना की शुरूआत की गई है। उनका कहना था कि इस योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी देश की दो करोड़ माताओं-बहनों को रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और दोहराया कि हर जिले में महिला पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
शर्मा ने कहा ,‘‘ महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रदेश के हर जिले में एक महिला थाना स्थापित होगा। हर पुलिस थाने में महिला डेस्क की स्थापना होगी तथा सभी प्रमुख शहरों में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन भी होगा।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विकसित भारत संकल्प यात्रा पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि इस यात्रा के माध्यम से हर पात्र परिवार और व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उनका कहना था कि यात्रा की निगरानी के लिए ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक टीम गठित की गई हैं। शर्मा ने सभी प्रदेशवासियों से इस यात्रा में जुड़ने का आह्वान किया है।
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