एजल, 24 अगस्त मिजोरम में एक संगठन ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दो महिलाओं से कथित छेड़छाड़ और कोविड-19 के सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर असम राइफल्स से माफी की मांग की है।
हालांकि देश के सबसे पुराने अर्धसैनिक बल ने इस आरोप से इनकार किया है।
संगठन ने रविवार को एक बयान में कहा कि यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) की केंद्रीय समिति ने असम राइफल्स से इस महीने के अंत तक माफी मांगने को कहा है। संगठन ने ऐसा नहीं करने पर ‘कड़ी कार्रवाई’ की चेतावनी दी है।
वाईएमए ने आरोप लगाया कि असम राइफल्स के जवानों ने भारत-म्यामां सीमा से लगे चम्फई जिले के सेशीह गांव में 15 अगस्त को दो महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की थी।
वाईएमए नेता ने कहा, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा कर रहे असम राइफल्स के जवानों ने खेत से लौट रही महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की।’’
इकाई ने असम राइफल्स पर आरोप लगाया है कि वे अनिवार्य चिकित्सा जांच से इनकार करके राज्य सरकार द्वारा तय किए गए कोविड-19 दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने शनिवार को वाईएमए नेताओं के साथ असम राइफल्स जवानों की कथित ‘ अभद्रता’ को लेकर बैठक की। यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार और वाईएमए अलग-अलग केंद्रीय गृह मंत्रालय को असम राइफल्स द्वारा सुरक्षा निर्देशों के कथित उल्लंघन के अनुचित व्यवहार और स्वतंत्रता दिवस उत्सव में शामिल नहीं होने को लेकर पत्र लिखेंगे।
असम राइफल्स ने सेशीह गांव में दो महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने और स्वतंत्रता दिवस में हिस्सा नहीं लेने के आरोप से इनकार किया है।
असम राइफल्स के एक अधिकारी ने कहा, ‘ ‘ अगर ऐसी बातें हैं तो हम आरोपी कर्मी या कर्मियों के नाम जानना चाहेंगे ताकि कम से कम महिला उसकी पहचान कर सके या हम इस संबंध में मीडिया को बता सकें।’’
वहीं असम राइफल्स ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस उत्सव पर मुख्यमंत्री जोरमथंगा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाने के दौरान न केवल उसके जवान मौजूद थे बल्कि उन्होंने सलामी भी दी थी।
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