देश की खबरें | महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई, हर नागरिक को तिरंगा फहराना चाहिए : मुख्यमंत्री ठाकुर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि खालिस्तान समर्थक संगठन की धमकी के बाद राज्य में स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रमुख नेताओं की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। खालिस्तान समर्थक संगठन ने धमकी दी है कि वे नेताओं को तिरंगा नहीं फहराने देंगे।
शिमला, तीन अगस्त हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि खालिस्तान समर्थक संगठन की धमकी के बाद राज्य में स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रमुख नेताओं की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। खालिस्तान समर्थक संगठन ने धमकी दी है कि वे नेताओं को तिरंगा नहीं फहराने देंगे।
राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए ठाकुर ने राज्य के हर नागरिक से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों के ऊपर राष्ट्र ध्वज फहराने का भी अनुरोध किया। 30 जुलाई को शिमला के अधिकांश पत्रकारों को एक पूर्व रिकॉर्डेड फोन कॉल के जरिए यह धमकी दी गई थी।
इसी तरह की एक धमकी में सोमवार को कहा गया कि भारातीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे पी नड्डा को झंडा नहीं फहराने दिया जाएगा। फोन करने वाले ने खुद की पहचान सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नून बतायी।
मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री, भाजपा अध्यक्ष और राज्य के राज्यपाल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और वे तिरंगे के लिए ‘‘अपनी जान कुर्बान करने’’ के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक निवासी को स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घर पर तिरंगा फहराना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि कई पत्रकारों और अन्य निवासियों को शुरू में 30 जुलाई को धमकी भरे फोन आए, जिसमें धमकी दी गई कि उन्हें तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा।
ठाकुर ने कहा कि बाद में कुछ अन्य पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को इसी तरह के फोन कॉल में धमकी दी गई कि भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा को राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने दिया जाएगा। इस अवसर पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इन फोन कॉल के मद्देनजर पन्नून और अन्य लोगों के प्रत्यर्पण के प्रयास किए जाने चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें खुद और आशा कुमारी, सुखविंदर सुक्खू, विक्रमादित्य सिंह, सुंदर ठाकुर, नंद लाल, विनय कुमार और लखविंदर राणा सहित पार्टी के अन्य विधायकों को सोमवार को इसी तरह के फोन आए थे।
इससे पहले सोमवार को सुखविंदर सुक्खू ने सदन में मामला उठाते हुए कहा कि उन्हें पन्नून का फोन आया था, जिसमें धमकी दी गई थी कि स्वतंत्रता दिवस पर किसी को भी राज्य में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने दिया जाएगा। पहले से रिकॉर्ड किए गए फोन कॉल में कॉल करने वाले ने कहा था, “हिमाचल प्रदेश पंजाब का हिस्सा था और हम पंजाब में जनमत संग्रह की मांग कर रहे हैं। एक बार जब हम पंजाब को आजाद कर लेंगे, तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हिमाचल प्रदेश के उन इलाकों पर कब्जा कर लें जो पंजाब का हिस्सा थे।’’ इसके बाद पुलिस ने शनिवार को पन्नून के खिलाफ देशद्रोह और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया।
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