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देश की खबरें | ओडिशा के तटीय इलाकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ायी गई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा पुलिस ने शनिवार को कहा कि उसने राज्य में तटरेखा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के आसपास अभूतपूर्व सुरक्षा सुनिश्चित की है।

देश की खबरें | ओडिशा के तटीय इलाकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ायी गई

भुवनेश्वर, 10 मई ओडिशा पुलिस ने शनिवार को कहा कि उसने राज्य में तटरेखा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के आसपास अभूतपूर्व सुरक्षा सुनिश्चित की है।

इससे एक दिन पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के बीच समुद्र से खतरा होने की बात कही थी।

ओडिशा पुलिस ने बालासोर जिले में चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर), पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर, संबलपुर में हीराकुंड बांध, जगतसिंहपुर में पारादीप बंदरगाह, बोलांगीर जिले में आयुध कारखाना और अन्य सार्वजनिक स्थानों जैसे विभिन्न प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।

ओडिशा पुलिस ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर संचालित कर रही है और हाई अलर्ट जारी किया है। इस संदर्भ में, ओडिशा के तट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस दिन-रात गश्त कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि ट्रॉलर और सभी संदिग्धों की गहन जांच की जा रही है। ओडिशा पुलिस ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हम किसी भी आतंकवादी हमले को रोकने के लिए हमेशा तैयार हैं। हम जनता को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हमेशा सतर्क रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’’

ओडिशा के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस दिन-रात गश्त कर रही है।

राज्य पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ‘‘संभावित आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सशस्त्र बलों को तैनात किया गया है। सभी ट्रेन डिब्बों और प्लेटफार्म की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। अगर आपको चलती ट्रेन या स्टेशन पर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।’’

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा था कि ओडिशा समुद्र में संभावित खतरा देखता है, क्योंकि राज्य की तटरेखा 480 किलोमीटर लंबी है और चांदीपुर में मिसाइल परीक्षण केंद्र तथा पुरी में श्री जगन्नाथ धाम जैसे प्रमुख प्रतिष्ठान यहां स्थित हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर को कोई विशेष खतरा नहीं है, लेकिन अतिरिक्त सावधानी बरती गई है, क्योंकि आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उन पर गोलियां चलाई थीं।’’

उन्होंने कहा कि देश भर से लाखों तीर्थयात्री हर साल पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए सशस्त्र पुलिस कर्मियों ने मंदिर के चारों ओर मोर्चा संभाल लिया है।

पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत अग्रवाल ने कहा, ‘‘पुलिस श्रद्धालुओं की उचित जांच और तलाशी लेती है और उनसे सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है। विशेष दस्ते के कर्मी मंदिर के चारों ओर नियमित जांच कर रहे हैं। पूरा मंदिर क्षेत्र और तीर्थ नगरी सीसीटीवी की निगरानी में है।’’

अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक टीम ने 5 और 6 मई को पुरी का दौरा किया था और 12वीं सदी के मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की थी। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने प्रवेश और निकास बिंदुओं पर मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन प्रोटोकॉल, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और अन्य की समीक्षा की।

पुरी जिला पुलिस के सूत्रों ने कहा कि होटल मालिकों को भी अपने मेहमानों का उचित रिकॉर्ड रखने और कुछ भी संदिग्ध मिलने पर पुलिस को नियमित रूप से सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस ने कहा कि पुरी में विभिन्न स्थानों पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही है, साथ ही समुद्री मछली पकड़ने वालों को जहाजों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।

शुक्रवार दोपहर चांदीपुर स्थित आईटीआर की सुरक्षा पर एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक की गई।

आईटीआर परिसर में ‘प्रूफ एंड एक्सपेरीमेंटल एस्टेब्लिशमेंट’ (पीएक्सई) भी है, जो डीआरडीओ की एक प्रमुख प्रयोगशाला है।

सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, डीआरडीओ अधिकारियों, तटरक्षक और समुद्री पुलिस कर्मियों ने आईटीआर और व्हीलर द्वीप पर उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक योजना तैयार की है, जहां प्रमुख मिसाइल का परीक्षण किया जाता है।

उन्होंने बताया कि गोपालपुर के पास आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज, बोलांगीर में आयुध कारखाने, आईएनएस चिल्का और छत्रपुर के पास इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (आईईआरएल) में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। उन्होंने कहा कि संबलपुर जिले में हीराकुंड बांध पर भी कड़ी निगरानी रखी गई है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जगतसिंहपुर जिले में पारादीप बंदरगाह के अधिकारी भी हाई अलर्ट पर हैं।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राज्य के दो प्रमुख हवाई अड्डों, भुवनेश्वर में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बीपीआईए) और झारसुगुड़ा में वीएसएस हवाई अड्डे पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को विमान में चढ़ने से पहले बहुस्तरीय सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है और उन्हें सुचारू प्रक्रिया के लिए जल्दी पहुंचने की सलाह दी गई है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2025 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).