नयी दिल्ली, 25 जून पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने तरजीही आवंटन के लिए मूल्य निर्धारण से संबंधित रूपरेखा को उदार करने का फैसला किया है। इससे कंपनियों के लिए धन जुटाना सुगम हो जाएगा।
सेबी के निदेशक मंडल की बृहस्पतिवार को यहां बैठक हुई। बैठक के बाद सेबी ने कहा कि कंपनियां तरजीही शेयर निर्गम का निर्गम मूल्य उनके शेयरों के दो सप्ताह के औसत मूल्य के हिसाब से तय कर सकेंगी। अभी तरजीही शेयर निर्गम जारी करने वाली किसी भी कंपनी को साप्ताहिक आधार पर ऊंचे मूल्य के औसत तथा 26 सप्ताह के निचले मूल्य के औसत को देखना होता है।
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इस मूल्य फॉर्मूला के जरिये तरजीही आधार पर आवंटित प्रतिभूतियों के लिए ‘लॉक्ड-इन’ की अवधि तीन साल की होगी।
मूल्य का विकल्प एक जुलाई, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 के बीच जारी तरजीही निर्गम के लिए उपलब्ध होगा।
इसके अलावा नियामक ने निपटान नियमनों को भी तर्कसंगत बनाया है। इससे प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही सेबी ने भेदिया कारोबार नियमों में संशोधन का भी फैसला किया है।
अजय
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