जरुरी जानकारी | कारोबार सुगमता को बाजार बुनियादी ढांचा संस्थानों के लिये नियमों में बदलाव करेगा सेबी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बाजार नियामक सेबी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को वैकल्पिक निवेश कोष और शेयर बाजार समेत बाजार बुनियादी ढांचा संस्थान (एमआईआई) के लिये नियमन में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसका मकसद कारोबार को सुगम बनने के साथ अनुपालन जरूरतों को सरल बनाना है।
मुंबई, छह अगस्त बाजार नियामक सेबी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को वैकल्पिक निवेश कोष और शेयर बाजार समेत बाजार बुनियादी ढांचा संस्थान (एमआईआई) के लिये नियमन में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसका मकसद कारोबार को सुगम बनने के साथ अनुपालन जरूरतों को सरल बनाना है।
निदेशक मंडल की यहां हुई बैठक में शेयर बाजारों और समशोधन निगमों, डिपॉजिटरीज तथा भागीदारों से संबंधित मौजूदा प्रावधानों पर चर्चा की गयी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक विज्ञप्ति में कहा कि निदेशक मंडल ने दो प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें सभी पात्र शेयरधारकों के लिए 2-5 प्रतिशत शेयरधारिता के अधिग्रहण के लिए सेबी की बाद में मंजूरी की आवश्यकता को समाप्त करना शामिल है।
शेयर बाजारों, समाशोधन निगमों और डिपॉजिटरीज को उपयुक्त व्यवस्था बनानी होगी ताकि सेबी नियमों के तहत उपयुक्त और समुचित मानदंडों के साथ अनुपालन सुनिश्चित हो।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘दो प्रतिशत से कम शेयरधारिता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की ‘उपयुक्त और उचित’ स्थिति के निर्धारण के संबंध में सूचीबद्ध शेयर बाजारों/डिपॉजिटरी पर लागू प्रावधान गैर-सूचीबद्ध शेयर बाजारों/डिपॉजिटरी पर भी लागू होंगे।’’
इसके अलावा नियामक वैकल्पिक निवेश कोष के संचालन से संबंधित नियमन में संशोधन करेगा। इसका उद्देश्य अनुपालन जरूरतों को सरल बनाना तथा निवेश को लेकर लचीलापन उपलब्ध कराना तथा नियामकीय प्रक्रयाओं को दुरुस्त करना है।
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