नयी दिल्ली, 14 जून भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने फोर्टिस हेल्थकेयर में पैसे की हेराफेरी और इसे छिपाने के लिए गलतबयानी के मामले में चार कंपनियों को 15 दिन के अंदर 4.56 करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस भेजा है।
बाजार नियामक सेबी ने फोर्टिस ग्लोबल हेल्थकेयर, आरएचसी फाइनेंस, शिमल हेल्थकेयर और एएनआर सिक्योरिटीज को नोटिस भेजने के साथ ही कहा है कि तय समय के अंदर रुपये जमा नहीं होने पर इन कंपनियों की संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी।
कंपनियों को यह नोटिस सेबी की ओर से उन पर मई, 2022 में लगाए गए जुर्माने को नहीं चुकाने पर भेजा गया है।
सेबी ने गत नौ जून को भेजे अपने नोटिस में कंपनियों को 15 दिन के अंदर 4.56 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा है। इसमें हर्जाना राशि के साथ ब्याज भी है।
बकाया जमा नहीं करने पर सेबी कंपनियों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी कर राशि की वसूली करेगी। इसके अलावा कंपनियों के बैंक खातों को भी जब्त कर लिया जाएगा।
बाजार नियामक ने राशि की भरपाई के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी और हिरासत में लेने का विकल्प भी रखा है।
सेबी ने फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड (एफएचएल) के कोष की हेराफेरी करने और धोखाधड़ी को छिपाने से संबंधित एक मामले में मई, 2022 में इन चार कंपनियों समेत 32 फर्मों पर 38.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। चारों कंपनियों पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था।
यह जुर्माना एफएचएल के कोष को आरएचसी होल्डिंग के खाते में भेजने के लिए अनुचित तरीके अपनाने पर लगाया गया था। इस दौरान करीब 397 करोड़ रुपये की राशि की हेराफेरी की गई थी।
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