जरुरी जानकारी | विनसम यार्न्स जीडीआर मामले में पंचारिया पर सेबी ने 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

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नयी दिल्ली, सात मई बाजार नियामक सेबी ने विनसम यार्न्स लिमिटेड की तरफ से जारी ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (जीडीआर) से संबंधित कथित धोखाधड़ी मामले में मंगलवार को अरुण पंचारिया पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।

यह फैसला प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के उस आदेश के छह महीने के भीतर आया है जिसमें सेबी को मामले पर दोबारा गौर करने के लिए कहा गया था। इसके अलावा यह भी कहा था कि पंचारिया पर लगाए गए 25 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार नहीं रखा जा सकता है।

हालांकि, सैट ने नवंबर, 2023 में पारित अपने आदेश में जीडीआर जारी करने में धोखाधड़ी के बारे में लेनदेन के पहले चरण के संबंध में सेबी के निष्कर्षों की पुष्टि की थी। लेकिन दूसरे चरण में संबंधित संस्थाओं के साथ अपीलकर्ता का संबंध नहीं मिल है।

सेबी की निर्णायक अधिकारी बरनाली मुखर्जी ने अपने आदेश में कहा, ‘‘संबंधित संस्थाओं और विनसम के सहयोग से पंचारिया ने एक धोखाधड़ी योजना तैयार की थी। पंचारिया से जुड़ी संस्थाएं इस मामले के विभिन्न चरणों में शामिल थीं।’’

आदेश के मुताबिक, ‘‘जीडीआर की सदस्यता लेने और बाजार में परिवर्तित इक्विटी शेयरों को बेचकर भारतीय निवेशकों को धोखा देने में नोटिस प्राप्तकर्ता और उससे जुड़ी संस्थाओं ने माध्यम के रूप में काम किया। इससे साफ है कि अरुण पंचारिया को फर्जी योजना से फायदा हुआ।’’

इसे ध्यान में रखते हुए बाजार नियामक ने पंचारिया पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है।

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