सेबी ने व्हाट्सएप लीक मामले में दो व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया
सेबी ने इस मामले में बुधवार को एक आदेश में नीरज कुमार अग्रवाल और श्रुति विशाल वोरा पर 15-15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
नयी दिल्ली, 30 अप्रैल बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अंबुजा सीमेंट्स के वित्तीय परिणामों की आधिकारिक तौर पर घोषणा से पहले ही व्हाट्सएप के जरिये मूल्य संबंधी अप्रकाशित संवेदनशील जानकारी जारी करने का दोषी पाते हुए दो लोगों पर जुर्माना लगाया है।
सेबी ने इस मामले में बुधवार को एक आदेश में नीरज कुमार अग्रवाल और श्रुति विशाल वोरा पर 15-15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
इससे पहले नियामक ने उन्हें व्हाट्सएप के जरिये बजाज ऑटो के वित्तीय परिणामों से संबंधित शेयर मूल्य के लिहाज से संवेदनशील अप्रकाशित जानकारी (यूपीएसआई) जारी करने के लिये दंडित किया था।
कुछ खबरों में यह जानकारी दी गयी थी कि संबंधित शेयर बाजारों पर आधिकारिक घोषणा से पहले ही विभिन्न निजी व्हाट्सएप समूहों में चुनिंदा कंपनियों के यूपीएसआई डाल दिये जा रहे हैं।
सेबी ने इस संदर्भ में मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की है। इसके तहत कुछ व्हाट्सएप समूहों से जुड़े 26 निकायों की तलाशी ली गयी और करीब 190 उपकरण, दस्तावेज आदि जब्त किये गये।
जब्त किये गये उपकरणों से व्हाट्सएप पर हुई बातचीत का ब्यौरा निकाला गया, जिसमें पता चला कि लगभग 12 कंपनियों के वित्तीय परिणाम के आंकड़े और अन्य वित्तीय जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से लीक की गयी थी।
अंबुजा सीमेंट्स भी उन कंपनियों में से एक थी, जिनके 2016-17 की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गये संदेशों से मिलते-जुलते पाये गये।
नियामक ने इस आधार पर एक जनवरी 2017 से 20 फरवरी 2017 की अवधि के दौरान भेदिया कारोबार के निषेध से संबंधित विनियमों के किसी भी संभावित उल्लंघन का पता लगाने के लिये एक जांच की। सेबी की जांच में पाया गया कि अग्रवाल ने दिसंबर 2016 को समाप्त तिमाही में अंबुजा सीमेंट्स के राजस्व और लाभ से संबंधित यूपीएसआई व्हाट्सएप के माध्यम से वोरा को बताये गये थे। वोरा ने इन संदेशों को दो अन्य व्यक्तियों को भेज दिया था।
यह पाया गया कि राजस्व और पीएटी से संबंधित अंबुजा सीमेंट्स के जो वित्तीय आंकड़े व्हाट्सएप के माध्यम से फैलाये गये थे, बाद में कंपनी ने शेयर बाजार को आधिकारिक पर जो आंकड़े बताये, उससे मेल खाते थे।
चूंकि अंबुजा सीमेंट्स से संबंधित संदेश यूपीएसआई के अंतर्गत आते हैं और व्हाट्सएप के माध्यम से वित्तीय आंकड़ों के इस तरह के प्रसार को अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) के संचार के रूप में माना जाता है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2020 04:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

