जरुरी जानकारी | सेबी ने प्रक्रिया तेज करने के लिये निपटान नियमों को कारगर बनाने का निर्णय लिया

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नयी दिल्ली, 25 जून बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने प्रक्रियाओं को तेज और प्रभावी बनाने के लिये बृहस्पतिवार को निपटान नियमों को कारगर बनाने का फैसला किया।

सेबी ने कहा कि समय बचाने के लिये निपटान नियमों के तहत निपटान नोटिस जारी करने के बजाय, संबंधित पक्ष को निपटान आवेदन दायर करने के बारे में सूचित करने के लिये कारण बताओ नोटिस में ही एक पैराग्राफ को शामिल किया जायेगा।

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सेबी ने एक बयान में कहा कि उसके निदेशक मंडल ने इस आशय के लिये निपटान नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

इसके अलावा, निदेशक मंडल ने निपटान नियमों में कुछ संशोधनों को मंजूरी दी है, जिसमें आधार राशि की गणना के उद्देश्य से प्रधान अधिकारी के साथ ही प्रवर्तकों को भी शामिल किया जाना भी शामिल किया गया है।

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इसने आगे कहा कि खुली पेशकश से संबंधित कथित चूक के लिये उन मामलों में आधार राशि को तर्कसंगत बनाया जायेगा और कुछ आधार राशि के लिये बेंचमार्क में संशोधन किया जायेगा, जिनमें खुली पेशकश निष्प्रभावी हो गयी हैं।

सेबी निपटान नियम एक जनवरी 2019 से प्रभावी है। इसमें प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघन मामले में निपटान के लिये शुरू की गई कार्यवाही के निपटान या शुरू करने का प्रावधान है।

नियामक ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान निपटान मामलों में प्राप्त अनुभव ने नियमों के कुछ प्रावधानों को संशोधित करने की आवश्यकता को महसूस कराया है।

इसी के आधार पर बोर्ड ने निपटान नियमों के कुछ प्रावधानों में संशोधन करने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा, बोर्ड ने भेदिया कारोबार निषेध (इनसाइडर ट्रेडिंग) विनियमों में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों में अप्रकाशित मूल्य से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों की प्रकृति तथा सूचनाएं साझा करने वाले लोगों के नाम का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना, शेयर बाजारों को जानकारी देने की प्रक्रिया का स्वचालन और कारोबार खिडकी को प्रतिबंधित करना शामिल है।

निदेशक मंडल ने सेबी की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20 को भी मंजूरी दे दी। इसे केंद्र सरकार को सौंपा जायेगा।

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