नयी दिल्ली, 26 फरवरी पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को निवेशकों को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) मार्ग के माध्यम से शेयर बाजार में कारोबार की सुविधा देने का दावा करने वाले कारोबारी मंचों को लेकर आगाह किया। नियामक ने कहा कि ये मंच कुछ और नहीं बल्कि धोखाधड़ी में शामिल हैं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस बात को संज्ञान में लिया है कि धोखाधड़ी करने वाले शेयर बाजार में ऑनलाइन ट्रेडिंग पाठ्यक्रमों, सेमिनार आदि के जरिये लोगों को लुभा रहे हैं। इसके लिए वे व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का उपयोग कर रहे हैं।
सेबी ने कहा कि खुद को सेबी-पंजीकृत एफपीआई के कर्मचारी या सहयोगी के रूप में प्रस्तुत करते हुए, वे व्यक्तियों को ऐसे एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहते हैं जो कथित तौर पर उन्हें शेयर खरीदने, आईपीओ की सदस्यता लेने और ‘संस्थागत खाता लाभ’ उठाने की अनुमति देते हैं। और यह भी कहा जाता है कि इसके लिए आधिकारिक ट्रेडिंग या डीमैट खाते की जरूरत नहीं है।
बाजार नियामक ने कहा कि ये सब प्राय: अपनी योजनाओं को संचालित करने के लिए गलत नामों के तहत पंजीकृत मोबाइल नंबरों का उपयोग करते हैं।
सेबी को धोखाधड़ी वाले कारोबारी मंचों के बारे में कई शिकायतें मिली थीं। उसके बाद नियामक ने निवेशकों को इस बारे में आगाह किया है।
शिकायत के अनुसार, ऐसे मंचों ने एफपीआई के साथ संबद्ध होने का झूठा दावा किया था। इसमें विशेष सुविधाओं के साथ एफपीआई या संस्थागत खातों के माध्यम से कारोबार के अवसर उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।
एफपीआई नियमन के तहत कुछ अपवादों को छोड़कर सेबी का एफपीआई निवेश मार्ग भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा, कारोबार में ‘संस्थागत खाते’ का कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही, शेयर बाजार तक सीधी पहुंच के लिए निवेशकों को क्रमशः सेबी पंजीकृत ब्रोकर और डिपॉजिटरी भागीदार के साथ डीमैट खाता रखना आवश्यक है।
नियामक ने साफ किया कि उसने भारतीय निवेशकों के लिए प्रतिभूति बाजार में निवेश के संबंध में एफपीआई को कोई छूट नहीं दी है।
सेबी ने निवेशकों को सावधान करते हुए कहा है कि वे सेबी के साथ पंजीकृत एफपीआई या एफआईआई के माध्यम से शेयर बाजार तक पहुंच की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करने वाले किसी भी सोशल मीडिया संदेश, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल या ऐप से दूर रहें। ऐसी योजनाएं धोखाधड़ी वाली हैं।
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