जरुरी जानकारी | सेबी ने मनी प्लस, प्रोपराइटरों के निवेश परामर्श सेवाएं देने पर लगाया प्रतिबंध

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नयी दिल्ली, 17 अगस्त भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बिना अनुमति के निवेशकों करे परामर्श देने का काम कर रही फर्म मनी प्लस रिसर्च एडवाइजरी एंड फाइनेंशियल सर्विसेस पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके प्रोपराइटर प्रवीण मेशराम पर भर निवेश सलाहकार का काम करने पर रोक लगायी गयी है।

सेबी ने अगले आदेश तक कंपनी और मेशराम के शेयर बाजार में काम करने पर भी रोक लगायी है।

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इस संबंध में कई शिकायतें मिलने के बाद सेबी ने मामले की प्राथमिक जांच की।

सेबी ने एक अंतरिम आदेशा में कहा कि मनी प्लस लोगों को प्रतिभूति बाजार में लेनदेन करने के लिए निवेश सलाह, स्टॉक टिप्स दे रही थी, जबकि कंपनी इस तरह के काम के लिए पंजीकृत नहीं है।

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जांच में प्रथमदृष्टया पाया गया कि मनी प्लस और मेशराम ने इस तरह 53.85 लाख रुपये जुटाए।

सेबी ने मनी प्लस और मेशरम को निवेश सलाहकार के तौर पर गतिविधियों को रोकने और किसी भी तरह के मीडिया माध्यम (खुद से या डिजिटल स्वरूप में) परामर्शक के तौर पर व्यवहार करने से रोक लगाने के निर्दश दिए हैं।

सेबी ने कंपनी के निवेशकों से जुटाए कोष के किसी भी तरह के स्थानांतरण पर भी रोक लगायी है। साथ ही निवेश सलाहकार के तौर पर जारी किए गए हर तरह के विज्ञापन, पैंफलेट एवं अन्य प्रचार सामग्री को भी वापस लेने के लिए कहा है।

सेबी का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

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