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Joshimath Sinking: हैदराबाद के वैज्ञानिक जोशीमठ में जमीन धंसने की वजहों का पता लगाएंगे

उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने के घटनाक्रम के बीच सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिक अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) के विशेषज्ञों की एक टीम अधस्तल मानचित्रण (सबसर्फेस फ़िजिकल मैपिंग) के लिए प्रभावित शहर का दौरा करेगी. एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने यह जानकारी दी.

Joshimath Sinking: हैदराबाद के वैज्ञानिक जोशीमठ में जमीन धंसने की वजहों का पता लगाएंगे
(Photo Credit : Twitter/@Shubhamrai80)

हैदराबाद, 12 जनवरी : उत्तराखंड के जोशीमठ (Joshimath) में जमीन धंसने के घटनाक्रम के बीच सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिक अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) के विशेषज्ञों की एक टीम अधस्तल मानचित्रण (सबसर्फेस फ़िजिकल मैपिंग) के लिए प्रभावित शहर का दौरा करेगी. एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने यह जानकारी दी. एनजीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक आनंद के पांडेय की अध्यक्षता वाली 10 सदस्यीय टीम के 13 जनवरी को जोशीमठ पहुंचने और अगले दिन से अपना काम शुरू करने की संभावना है.

पांडेय के मुताबिक, सर्वे कार्य में दो सप्ताह का समय लगने का अनुमान है, जिसके बाद टीम जमीन धंसने की वजहों का पता लगाने के लिए एकत्रित आंकड़ों का विश्लेषण करेगी. बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों और अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग गंतव्य औली का प्रवेश द्वार कहलाने वाला जोशीमठ जमीन धंसने और इमारतों में दरार पड़ने के कारण बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. यह भी पढ़ें : Joshimath Sinking: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ का दौरा, लोगों के प्रदर्शन से असुरक्षित ढांचे को गिराने की कार्रवाई बाधित

पांडेय ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “हमारे उपकरण जोशीमठ के रास्ते में हैं. 13 जनवरी को पूरी टीम वहां पहुंच जाएगी. 14 जनवरी से हम पूरे इलाके का सर्वे करने के लिए कम से कम दो हफ्ते तक वहां होंगे. पानी के जमाव और मिट्टी की संरचना को समझने के लिए हम गहन अधस्तल मानचित्रण की योजना बना रहे हैं.”

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2023 12:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).