देश की खबरें | वैज्ञानिकों ने मेडिकल संसाधनों की आवश्यकता का पूर्वानुमान लगाने के लिए मॉडल विकसित किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बेंगलुरु के जवाहर लाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रमुख मेडिकल संसाधनों की आवश्यकता का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक मॉडल विकसित किया है। एक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई।
नयी दिल्ली, दो अगस्त बेंगलुरु के जवाहर लाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रमुख मेडिकल संसाधनों की आवश्यकता का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक मॉडल विकसित किया है। एक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थान जेएनसीएएसआर के वैज्ञानिकों ने इटली और न्यूयॉर्क में संक्रमण और मौतों की संख्या का अनुमान लगाकर इस मॉडल का परीक्षण किया।
बयान के मुताबिक, अनुमान और वास्तविक परिणामों में काफी हद तक समानता रही।
इसके मुताबिक, उन्होंने भारत के लिए भी इसी तरह का अभ्यास किया, जहां संक्रमण और मौतों की संख्या का अनुमान लगाने के अलावा, उन्होंने एक क्षेत्र में अस्पताल में भर्ती होने वालों के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों की आवश्यकताओं की अपेक्षित सीमा का अनुमान लगाया।
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परीक्षण क्षमताओं और महत्वपूर्ण देखभाल सुविधाओं की गणना आवश्यक है, जोकि मृत्यु दर को कम करने के लिए जरूरी हैं।
बयान के मुताबिक, इस दृष्टिकोण के जरिए महामारी के दौरान आईसीयू और पीपीई किट जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों की आवश्यकताओं के लिए योजना बनाने में सहायता मिलती है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव आशुतोष शर्मा ने कहा कि गणितीय गणना और अनुकरण कोविड-19 के समय में समझ, योजना और निर्णय लेने के कुछ महत्वपूर्ण बिंदू हैं।
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