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अकादमिक प्रयोगशालाओं को कोविड-19 जांच केंद्र में बदलने की रूपरेखा बना रहे वैज्ञानिक

अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रमुख शोधकर्ता जॉर्ज मर्फी ने कहा, ‘‘देशभर में अन्य बुनियादी जीवविज्ञान प्रयोगशालाओं को महामारी के कारण कामकाज बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ा।’’

अकादमिक प्रयोगशालाओं को कोविड-19 जांच केंद्र में बदलने की रूपरेखा बना रहे वैज्ञानिक

बोस्टन, 13 मई कोविड-19 के लिए नैदानिक जांच की बढ़ती मांग को देखते हुए वैज्ञानिकों ने अकादमिक प्रयोगशालाओं को नोवेल कोरोना वायरस के लिए नमूनों की जांच के केंद्रों में बदलने का खाका तैयार किया है।

अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रमुख शोधकर्ता जॉर्ज मर्फी ने कहा, ‘‘देशभर में अन्य बुनियादी जीवविज्ञान प्रयोगशालाओं को महामारी के कारण कामकाज बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ा।’’

मर्फी और उनकी टीम ने कहा कि उन्हें क्यूआरटी-पीसीआर जांच के तरीके को विकसित करने का व्यापक अनुभव है जिससे रोगी के नमूने में आरएनए की मौजूदगी का पता लगाया जाता है।

इसके बाद उन्होंने अपनी प्रयोगशाला को कॉलेज ऑफ अमेरिकन पैथेलॉजीस (सीएपी) द्वारा मान्यता प्राप्त नैदानिक प्रयोगशाला में बदल दिया।

वैज्ञानिकों ने इसके लिए अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन से आपातकालीन अनुमति मांगी और एक सप्ताह से कम समय के भीतर कामकाज शुरू कर दिया।

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार 20 अप्रैल, 2020 की स्थिति के अनुसार उन्होंने 3,000 से अधिक नमूनों की जांच की है।

उन्होंने कहा कि करीब 45 प्रतिशत नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 08:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).