लॉकडाउन में लाचारगी का दृश्य: परिवार को घर पहुंचाने बैल के साथ जुतकर हाईवे पर गाड़ी खींचता नजर आया तंगहाल व्यक्ति, वीडियो देखकर आप भी हो जाएंगे दंग
सोशल मीडिया के दावों के मुताबिक यह वीडियो इंदौर जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीन (आगरा-मुंबई राजमार्ग) का बताया जा रहा है. इस वीडियो में राजमार्ग पर एक बैलगाड़ी धीमी चाल से आगे बढ़ती दिखायी देती है जिसमें एक बैल और एक व्यक्ति साथ-साथ जुते नजर आते हैं.
इंदौर: कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल को झकझोर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. इस वीडियो में तंगहाली के शिकार परिवार के एक व्यक्ति को बैल के साथ जुतकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ी खींचते देखा जा सकता है. सोशल मीडिया के दावों के मुताबिक यह वीडियो इंदौर जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीन (आगरा-मुंबई राजमार्ग) का बताया जा रहा है. इस वीडियो में राजमार्ग पर एक बैलगाड़ी धीमी चाल से आगे बढ़ती दिखायी देती है जिसमें एक बैल और एक व्यक्ति साथ-साथ जुते नजर आते हैं. घर-गृहस्थी के कुछ सामान से लदी बैलगाड़ी में एक महिला और एक युवक बैठे दिखायी दे रहे हैं. बैल के साथ जुतकर गाड़ी खींचता दिखा व्यक्ति वीडियो में अपना नाम राहुल बता रहा है और उसकी उम्र 40 साल के आस-पास मालूम पड़ती है.
बैल के साथ गाड़ी में जुता व्यक्ति वीडियो में कहता सुनायी पड़ता है, "मैं (इंदौर शहर के पास स्थित) पत्थरमुंडला गांव का रहने वाला हूं और (नजदीकी कस्बे) महू से निकला हूं. गाड़ी में मेरी भाभी और छोटा भाई बैठे हैं. हम गांव-देहातों की ओर जा रहे हैं." बैल के साथ गाड़ी में जुते व्यक्ति ने लाचारगी भरे स्वर में कहा, "(लॉकडाउन के कारण) बसें भी नहीं चल रही हैं. अगर बसें चलतीं, तो हम बस से ही सफर करते. मेरे पिता, मेरा भाई और मेरी बहन आगे पैदल चले गये हैं." यह भी पढ़ें: केरल: हाथी मालिकों के लिए लॉकडाउन बना परेशानी का सबब, त्योहारों के सीजन में कार्यक्रम रद्द होने से नहीं मिला कोई काम, गहराया रोजी-रोटी का संकट
राहुल ने बताया कि उसका परिवार गांव-गांव घूमकर बैलों की खरीद-फरोख्त का काम करता है. वीडियो में इस व्यक्ति ने कहा, "आखिर हम क्या करें? मेरे पास दो बैल थे. लेकिन मेरे घर में आटा और खाना पकाने का दूसरा सामान खत्म हो गया था. इसके चलते मैंने 15,000 रुपये कीमत का एक बैल केवल 5,000 रुपये में 15 दिन पहले ही बेच दिया ताकि मैं अपने घर का खर्च चला सकूं." इस बीच, प्रशासन ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है. अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रतुल सिन्हा ने बुधवार को "पीटीआई-" को बताया, "मैंने महू की जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को मामले की पूरी सचाई पता लगाने के निर्देश दिये हैं."
(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 11:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

