देश की खबरें | आरोप पत्र में संजय सिंह का नाम गलती से नहीं बल्कि जानबूझकर डाला गया: आप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र में पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के नाम का उल्लेख किया जाना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के नेताओं को बदनाम करने का “सोचा-समझा प्रयास” है।
नयी दिल्ली, तीन मई आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र में पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के नाम का उल्लेख किया जाना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के नेताओं को बदनाम करने का “सोचा-समझा प्रयास” है।
पार्टी ने कहा कि सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा है और उनसे आबकारी नीति मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में प्रवर्तन विभाग (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा और सहायक निदेशक जोगेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दायर करने की मंजूरी मांगी है।
ईडी के सूत्रों ने कहा कि आरोप पत्र में ‘आप’ नेता का चार बार नाम आया है, जिसमें से एक संदर्भ गलत है और अनजाने में टाइप हो गया था।
उन्होंने कहा कि एजेंसी ने अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोप पत्र) में विसंगति को दूर करने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की है।
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री तथा ‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी “उत्पीड़न का पर्याय, भय, अत्याचार, धमकी और किसी को बदनाम करने का पर्याय” बन गई हैं।
उन्होंने कहा, “आप सांसद संजय सिंह ने कहा है कि वह ईडी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे क्योंकि उन्होंने आरोप पत्र में उनका नाम शामिल किया और बाद में मीडिया को बताया कि संजय सिंह भी इस मनगढ़ंत घोटाले में शामिल थे।”
भारद्वाज ने कहा कि ईडी विपक्षी दलों से डरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने “संजय सिंह से माफी” मांगी है।
भारद्वाज ने कहा, “ऐसा पहली बार हुआ जब ईडी के निदेशक को किसी से माफी मांगनी पड़ी। एक तरह से केंद्र सरकार को संजय सिंह और ‘आप’ से माफी मांगनी पड़ी है।”
उन्होंने पूछा कि यह “गलती” कैसे हुई।
भारद्वाज ने कहा, “उन्होंने कहा कि गलती से नाम का उल्लेख हो गया। ऐसा कैसे हो सकता है? भाजपा के किसी सांसद का नाम तो गलती से नहीं आया। प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर यह डाला गया। पूरा कथित घोटाला फर्जी है और पूरा मामला झूठा है।”
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