एजेंसी न्यूज

पंजाब में 20 अप्रैल से रेत खनन, स्टोन क्रशिंग गतिविधियों को मंजूरी

यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नए अकादमिक सत्र को ध्यान में रखते हुए स्कूलों तथा कॉलेज छात्रों को किताबों का वितरण करने वाली दुकानों को भी काम करने की अनुमति दी गई है।

पंजाब में 20 अप्रैल से रेत खनन, स्टोन क्रशिंग गतिविधियों को मंजूरी
जमात

चंडीगढ़, 19 अप्रैल पंजाब में सोमवार से निर्माण संबंधित गतिविधियों के तौर पर रेत और बजरी खनन तथा ‘स्टोन क्रशिंग’ को अनुमति दी गई है। राज्य के गृह विभाग ने यह जानकारी दी।

यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नए अकादमिक सत्र को ध्यान में रखते हुए स्कूलों तथा कॉलेज छात्रों को किताबों का वितरण करने वाली दुकानों को भी काम करने की अनुमति दी गई है।

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए एयर कंडीशनर्स, एयर कूलर, पंखों की बिक्री तथा उनकी मरम्मत की दुकानों को भी आवश्यक सामान या सेवाओं के दायरे में लाया गया है तथा उन्हें खुलने और काम करने की अनुमति दी गई है।

केंद्र के दिशा निर्देशों के अनुसार, राज्य के ग्रामीण इलाकों में जिन उद्योगों को कामकाज बहाल करने की अनुमति दी गई है वे कामगारों के रहने या परिवहन की सभी व्यवस्था करें।

बयान के अुनसार, ‘ढाबों’ को भी खुले रहने की अनुमति दी गई है लेकिन वे केवल पैकेट बंद भोजन ही दे सकेंगे।

इसमें कहा गया है कि हालांकि, नियंत्रित क्षेत्रों में गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने स्थानीय आवश्यकताएं और सामाजिक दूरी के नियमों के अनुसार उद्योगों तथा अन्य अनुमति प्राप्त गतिविधियों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों के समय को नियंत्रित करने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेटों को दिया है।

ये दिशा निर्देश कोविड-19 पर भारत सरकार के संशोधित दिशा निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए जारी किए गए हैं।

पंजाब में मोहाली, जालंधर, एसबीएस नगर और पठानकोट जिलों को कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र यानी हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।

राज्य के गृह विभाग द्वारा सभी उपायुक्तों को जारी दिशा निर्देशों के अनुसार, स्टोन क्रशिंग, रेत और बजरी के खनन समेत निर्माण संबंधित गतिविधियों को अनुमति दी गई है।

पंजाब सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ऐसा फैसला किया गया है राज्य तीन मई तक पूर्ण कर्फ्यू का पालन करेगा और कर्फ्यू के दौरान आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास होने की अनिवार्यता जारी रहेगी।

इसमें कहा गया है कि नियंत्रित क्षेत्र बनाने के लिए नियम किसी इलाके में कोविड-19 के दो या उससे अधिक मामलों का मिलना है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि नियंत्रित क्षेत्र कोई इलाका या कॉलोनी, सेक्टर (गांव), एकल या कई वार्ड या पूरा शहर भी हो सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 03:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).