जरुरी जानकारी | सैमसंग के उत्तराधिकारी ली पर शेयर कीमतों में गड़बड़ी, अन्य वित्तीय अनियमितताओं का आरोप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ली के वकीलों ने इन आरोपों को खारिज किया है। सैमसंग के दस अन्य मौजूदा ओर पूर्व कार्यकारियों पर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए है। ली के वकीलों ने जांचकर्ताओं के दावों को एकपक्षीय करार दिया है।

ली के वकीलों ने इन आरोपों को खारिज किया है। सैमसंग के दस अन्य मौजूदा ओर पूर्व कार्यकारियों पर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए है। ली के वकीलों ने जांचकर्ताओं के दावों को एकपक्षीय करार दिया है।

ली के वकीलों ने कहा कि 2015 में सैमसंग की दो इकाइयों का विवादास्पद विलय एक ‘सामान्य कारोबारी गतिविधि’ था। इस विलय के जरिये ही ली ने समूह की प्रमुख कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स पर अपना नियंत्रण स्थापित किया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर चिप और स्मार्टफोन कंपनी है। सियोल की एक अदालत ने इससे पहले अभियोजकों के ली को गिरफ्तार करने के आग्रह को खारिज कर दिया था।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: यहां सरकारी टीचरों की बल्ले-बल्ले, कोरोना काल में सैलरी बढ़ोतरी का हुआ ऐलान.

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन ली कुन-ही के मई, 2014 में बीमार पड़ने के बाद योंग ने समूह का नेतृत्व संभाला था।

ली और सैमसंग के अन्य अधिकारियों पर शेयर कीमतों में गड़बड़ी, भरोसे के हनन और 2015 में हुए विलय में आडिट संबंधी उल्लंघनों के आरोप लगाए गए हैं। उस समय सैमसंग सीएंडटी कॉर्प और चेल इंडस्ट्रीज के बीच विलय हुआ था।

यह भी पढ़े | UPSC (CSE) Prelims Admit Card 2020: यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए जारी किया एडमिट कार्ड, upsc.gov.in से ऐसे करें डाउनलोड.

ली जाय योंग को 2017 में दक्षिण कोरियो के पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे और उनकी एक सहयोगी को 8.6 अरब वॉन की रिश्वत की पेशकश के लिए पांच साल की सजा सुनाई गई थी।

ली ने 2015 के विलय पर सरकार के समर्थन के लिए रिश्वत की पेशकाश की थी। कुछ शेयरधारकों के विरोध के बावजूद यह विलय पूरा हो गया था। पार्क को मार्च, 2017 में पद से हटा दिया गया था। रिश्वत लेने और सत्ता के दुरुपयोग तथा भ्रष्टाचार के अन्य आरोपों में वह जेल में हैं।

ली को फरवरी, 2018 में सियोल उच्च न्यायालय द्वारा उनकी सजा घटाकर ढाई साल करने और सजा को स्थगित रखने के फैसले के बाद रिहा कर दिया गया था। हालांकि, बाद में उच्चतम न्यायालय ने यह मामला फिर उच्च न्यायालय को भेज दिया था।

कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ली को दोषी पाया जाता है तो उन्हें फिर जेल भेजा जा सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\