देश की खबरें | समृद्धि एक्सप्रेस-वे हादसा : आरटीओ ने बस को जांचने के नौ महीने बाद दिया था फिटनेस प्रमाणपत्र

मुंबई, 18 जुलाई महाराष्ट्र के समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हाल में दुर्घटनाग्रस्त हुई निजी बस को सड़क पर चलने के लिए उपयुक्त जांचने के लगभग नौ महीने बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र दिया गया था। आधिकारिक रिकॉर्ड में यह जानकारी सामने आई है।

अधिकारियों के अनुसार अधिकार कार्यकर्ताओं और पूर्व क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के कर्मचारियों ने दोनों प्रक्रियाओं के बीच अत्यधिक देरी को ‘प्रशासनिक चूक’ करार दिया है और कहा है कि इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनती है।

अधिकार कार्यकर्ताओं और आरटीओ के कर्मचारियों ने इस विशेष मामले में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ 'सख्त कार्रवाई' की मांग करने के अलावा, व्यवस्था में सुधार के लिए ‘ठोस कदम’ उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

दरअसल, सभी व्यावसायिक वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक जुलाई को समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर एक बस में आग लगने से 25 यात्रियों की झुलस कर मौत हो गई थी जबकि बस का चालक और उसका सहायक समेत आठ लोग बाल-बाल बच गए थे।

दुर्घटना के दिन दर्ज की गई अमरावती आरटीओ की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2020 में यवतमाल आरटीओ में पंजीकृत बस का फिटनेस प्रमाणपत्र 10 मार्च, 2024 तक वैध था। हालांकि, व्यावसायिक वाहन के आंकड़ों से अस्पष्ट प्रक्रियात्मक देरी का पता चलता है।

आरटीओ के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च, 2022 को बस के सड़क पर चलने के लिए उपयुक्त योग्यता की जांच किए जाने के नौ महीने बाद 29 नवंबर, 2022 को इसके फिटनेस प्रमाणपत्र को मंजूरी प्रदान की गयी थी।

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