न्यूयॉर्क, 19 मई (एपी) नौ महीने पहले जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे सलमान रुश्दी पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और उन्हें पेन शताब्दी साहस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
रुश्दी (75) बृहस्पतिवार रात को मैनहट्टन में ‘अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नैचरल हिस्ट्री’ में न्यूयॉर्क शहर में साहित्यिक और स्वतंत्र अभिव्यक्ति संगठन ‘पेन अमेरिका’ के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल हुए। वह इस संगठन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
पेन अमेरिका ने अपने पूर्व अध्यक्ष रुश्दी को सम्मानित किया। दर्शकों ने खड़े होकर रुश्दी के सम्मान में तालियां बजायी।
गहरे रंग की जैकेट और उससे मेल खाती पैंट पहने रुश्दी ने कहा, ‘‘मुझे काफी अच्छा लगा। मेरा पेन अमेरिका से लंबा नाता है और मैं लेखकों तथा किताबों में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के बीच आकर बहुत खुश हूं।’’
बुकर पुरस्कार से सम्मानित रुश्दी गाला में शामिल हुए जहां सैकड़ों लेखक और अन्य पेन सदस्य भी उपस्थित थे।
पिछले साल अगस्त में रुश्दी पश्चिमी न्यूयॉर्क में एक गैर लाभकारी शिक्षण केंद्र शैटेक्वा इंस्टीट्यूशन में उपस्थित हुए थे जब लेबनान मूल के अमेरिकी नागरिक हादी मतार ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था। हमले में रुश्दी को कई चोटें आयी थीं। उनकी दायीं आंख की रोशनी चली गयी तथा उन्हें लिखने में दिक्कत भी होती है।
गाला में शामिल 700 मेहमानों को संबोधित करते हुए रुश्दी ने कहा, ‘‘आतंकवाद हमें आतंकित न करे। हिंसा हमें रोक न पाए। संघर्ष जारी है।’’
उन्होंने कहा कि वह उन ‘‘नायकों’’ की ओर से यह पुरस्कार स्वीकार कर रहे हैं जो शैटेक्वा इंस्टीट्यूशन में मंच पर पहुंचे थे और हमलावर को काबू कर लिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे लोग नहीं होते तो मैं निश्चित तौर पर आज यहां खड़ा नहीं होता। उस दिन मुझे निशाना बनाया गया लेकिन वे नायक थे। उस दिन पूरा साहस उनका था। मैं अपनी जिंदगी के लिए उनका एहसानमंद हूं।’’
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्ला खोमेनी ने 1989 में रुश्दी के उपन्यास ‘‘द सैटनिक वर्स’’ में कथित ईशनिंदा के लिए उनकी मौत का फतवा जारी किया था जिसके बाद प्रसिद्ध लेखक को वर्षों तक छिपकर रहना पड़ा था।
रुश्दी ने 1981 के बाद से 12 से अधिक किताबें लिखी हैं जब उन्हें ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लिए बुकर पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद ख्याति मिली थी। उन्होंने हाल में अपना 15वां उपन्यास ‘विक्ट्री सिटी’’ लिखा जो विजयनगर साम्राज्य की कहानी का काल्पनिक चित्रण है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लेखक शशि थरूर ने इस महीने की शुरुआत में ट्वीट किया था, ‘‘मैंने हाल ही में सलमान रश्दी की शानदार किताब ‘विक्ट्री सिटी’ को पढ़ा। इसमें विजयनगर साम्राज्य के इतिहास का बेहतर ढंग से पुनर्चित्रण किया गया है। यह पुस्तक बहुत ही शानदार तरीके से लिखी गई है।’’
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