चंडीगढ़, पांच मार्च शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने बुधवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के आगमन पर स्वागत में ‘‘पलक-पांवड़े’’ बिछा रही है।
केजरीवाल मंगलवार को आनंदगढ़ गांव में धम्म धजा विपश्यना केंद्र (डीडीवीसी) में 10 दिवसीय 'विपश्यना' सत्र के लिए होशियारपुर पहुंचे।
वरिष्ठ शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘उन्हें बताना चाहिए कि केजरीवाल का राज्य प्रमुखों के स्तर का स्वागत क्यों किया जा रहा है, जबकि उनके पास कोई संवैधानिक पद नहीं है और उनका पंजाब से कोई संबंध भी नहीं है।’’
केजरीवाल पिछले कुछ वर्षों से 'विपश्यना' का अभ्यास कर रहे हैं और इस प्राचीन ध्यान प्रणाली का अभ्यास करने के लिए जयपुर, नागपुर, धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) के निकट धरमकोट और बेंगलुरु जैसे कई स्थानों पर ध्यान केन्द्रों का दौरा कर चुके हैं।
यह दूसरी बार है जब वह अपने ‘विपश्यना’ सत्र के लिए आनंदगढ़ आए हैं। यहां उनका पहला सत्र 2023 में 21-30 दिसंबर तक था।
विपश्यना एक प्राचीन भारतीय ध्यान प्रविधि है जो आत्म-निरीक्षण के माध्यम से आत्म-परिवर्तन पर केंद्रित है।
दिल्ली में पांच फरवरी के विधानसभा चुनाव में नयी दिल्ली सीट से चुनाव हारने के बाद से केजरीवाल सार्वजनिक रूप से ज्यादा सामने नहीं आए हैं। आठ फरवरी को नतीजे घोषित होने के बाद से केजरीवाल ने खुद को पार्टी गतिविधियों तक ही सीमित रखा है।
शिअद ने अन्य मुद्दों के अलावा प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए आप सरकार की आलोचना की, जिन्हें अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में सप्ताह भर चलने वाले धरना प्रदर्शन के लिए चंडीगढ़ में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई।
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