ताजा खबरें | कुर्बानी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं, लाइसेंस प्राप्त बूचड़खानों में ही हो: भाजपा सांसद

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुनील कुमार सोनी ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 28 को समाप्त किया जाए और कुर्बानी को सिर्फ लाइसेंस प्राप्त बूचड़खाने में करने को अनिवार्य बनाया जाए।

नयी दिल्ली, 26 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुनील कुमार सोनी ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 28 को समाप्त किया जाए और कुर्बानी को सिर्फ लाइसेंस प्राप्त बूचड़खाने में करने को अनिवार्य बनाया जाए।

उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मांग उठाई।

सोनी ने कहा कि वह पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 28 को हटाने का आग्रह कर रहे हैं जिसमें धार्मिक रीति-रिवाज के लिए जानवरों को मारने की अनुमति दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘धार्मिक रीति-रिवाजों के नाम पर पशुओं को मौत के घाट उतारा जाता है। यह क्रूर कृत्य है। बूचड़खानों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी जानवरों को मारा जाता है। इसका पर्यावरण पर भी खराब असर होता है।’’

भाजपा सांसद का कहना था, ‘‘इस तरह जानवर का मांस भी मानव के स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब है क्योंकि मारे गए जानवरों की किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सुरक्षा जांच नहीं होती।’’

सोनी ने कहा, ‘‘मेरा अनुरोध है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 28 को हटाया जाए। जो लोग जानवरों की कुर्बानी करना चाहते हैं उनके लिए सिर्फ लाइसेंस प्राप्त बूचड़खानों में ही कुर्बानी की अनिवार्यता तय की जानी चाहिए।’’

अन्नाद्रमुक सांसद पी रवींद्रनाथ ने नियम 377 के तहत यह मांग उठाई कि सरकारी सेवाओं की कोचिंग के लिए हर जिले में सरकार की तरफ से एक कोचिंग सेंटर खोला जाए ताकि आम परिवारों के बच्चे तैयारी कर सकें।

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